1/6सर्दियों का मौसम अपने साथ खांसी, जुकाम और कमजोरी जैसी शिकायतें साथ लेकर लाता है। बच्चों और बुजुर्गों की इम्युनिटी पहले से ही कमजोर होती है। ऐसे में उनकी सेहत अच्छी बनाए रखने के लिए उनकी सेहत और डाइट का खासतौर पर ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है। घर की महिलाएं परिवार की सेहत अच्छी और ठंड में शरीर गर्म रखने के लिए बाजार में मिलने वाले विभिन्न ब्रांड के च्यवनप्राश पर भरोसा करती हैं, क्योंकि यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। लेकिन यही च्यवनप्राश अगर मिलावटी चीजों से बनाकर तैयार किया गया हो तो ये सेहत को फायदा पहुंचाने की जगह नुकसान भी पहुंचा सकता है। ऐसे में सेहत को अच्छा बनाए रखने के लिए आइए जान लेते हैं घर पर ही कैसे आसानी से तैयार किया जा सकता है बाजार जैसा असली च्यवनप्राश।

घर पर च्यवनप्राश बनाने के लिए आपको फ्रेश आंवला, देसी घी, गुड़ या शहद, इलायची पाउडर, दालचीनी पाउडर, सोंठ पाउडर, पीपली पाउडर और काली मिर्च पाउडर की जरूरत पड़ेगी।

घर पर च्यवनप्राश बनाने के लिए सबसे पहले आंवलों को अच्छी तरह धोकर प्रेशर कुकर में 2-3 सीटी लगाकर पूरी तरह नरम होने तक उबाल लें।

जब आंवले ठंडे हो जाएं, तो उनकी गुठलियां निकालकर आंवलों को मिक्सी में दरदरा पीसकर पेस्ट बना लें। इस बात का ध्यान रखें कि इसमें पानी न डालें।

एक मोटे तले की कड़ाही में देसी घी गरम करके उसमें आंवले का पेस्ट डालकर मीडियम आंच पर तब तक भूनें, जब तक इसका रंग हल्का भूरा न हो जाए और यह कड़ाही के किनारों को न छोड़ने लगे।

जब आंवले का पेस्ट अच्छी तरह भुन जाए तो उसमें गुड़ मिलाएं। इस बात का ध्यान रखें कि गुड़ का इस्तेमाल करने से पहले थोड़ा पानी डालकर पिघलाकर छानने के बाद ही पेस्ट में मिलाएं। आंच धीमी करके लगातार चलाते रहें ताकि वह नीचे न लगे। जब मिश्रण गाढ़ा होने लगे और जैम जैसा दिखने लगे, तो उसमें सभी सूखे मसाले (इलायची, दालचीनी, सोंठ, पीपली और काली मिर्च पाउडर) डालकर अच्छी तरह मिलाएं। पेस्ट को 5 मिनट तक और पकाएं, जब तक यह च्यवनप्राश की तरह गाढ़ा न नजर आने लगे। अब आंच बंद करके पेस्ट को पूरी तरह ठंडा होने दें। जब पेस्ट ठंडा हो जाए तो उसे साफ और सूखी कांच की शीशी में भरकर स्टोर कर लें।
