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जीवन शैली

बच्चों की इन बातों को नॉर्मल समझकर न करें इग्नोर

Fri, 17 Sep 2021 04:00 PM
बच्चों की इन बातों को नॉर्मल समझकर न करें इग्नोर
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बच्चे जब तक बोलने नहीं लग जाते, तब तक उनको समझना बहुत मुश्किल होता है। कई बार तो हम बस बच्चे के रोने को देखकर उसकी परेशानी का अंदाजा लगाते है।

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वहीं, कभी-कभी ऐसा होता है कि बच्चे की कुछ एक्टिविटीज को हम नॉर्मल मानकर अनदेखा कर देते हैं जबकि बच्चा अगर कोई एक्टिविटी बार-बार करे, तो उसे इग्नोर नहीं किया जाना चाहिए।

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बच्चा रोते-रोते अपने बाल खींचता है, तो इसे आपको फनी मानते हुए अनदेखा नहीं करना चाहिए, बल्कि बच्चे की परेशानी को समझने की कोशिश करनी चाहिए क्योंकि हो सकता है कि बच्चे को गर्मी लग रही हो या फिर उसके सिर में दर्द हो।

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बच्चा काफी घंटों तक पॉटी नहीं करता तो आपको इसे नॉर्मल नहीं मानना चाहिए क्योंकि बच्चों का भी पेट खराब हो जाता है। कभी-कभी ज्यादा दूध पीने से बच्चा आसानी से दूध डाइजेस्ट नहीं कर पाता।

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बच्चा अगर किसी व्यक्ति को देखकर रोता है या नापसंदी जाहिर करता है, तो साफ है कि बच्चा उस व्यक्ति से डरता है इसलिए ऐसे में जरूरी हो जाता है कि आप बच्चे का खास ख्याल रखें।

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7-8 महीने में बच्चे लिक्विड खाना जैसे दलिया, खिचड़ी, दाल आदि खाने लगते हैं लेकिन अगर बच्चा एक साल का होने पर भी कुछ नहीं खाता, तो आपको डॉक्टर से राय लेनी चाहिए।

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नहाने के बाद हमेशा फीवर हो जाना भी ऐसी समस्या है, जिसे इग्नोर नहीं किया जाना चाहिए। बच्चे को हमेशा गुनगुने पानी से नहलाना चाहिए।

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बच्चा अगर हमेशा गुमसुम रहता है और खेलना, कूदना, हंसने जैसी एक्विविटी नहीं करता, तो भी आपको बच्चे की एक्सट्रा केयर करते हुए डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

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