1/8सेहतमंद बने रहने के लिए डॉक्टर अकसर लोगों को डाइट में दाल-सब्जी शामिल करने की सलाह देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं हेल्दी लगने वाली ये दाल और सब्जी अगर सही तरीके से ना पकाई जाए तो ये सेहत को फायदे देने की जगह नुकसान पहुंचाने लगती है। सीके बिड़ला अस्पताल की न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. दीपाली शर्मा से 7 ऐसी चीजों के बारे में जानते हैं, जो हेल्दी होने के बावजूद अगर सही तरीके से ना पकाई जाए तो सेहत को बड़े नुकसान पहुंचा सकती हैं।

कच्चे या अधपके राजमा में फाइटोहेमाग्लगुटिनिन नामक जहरीला तत्व होता है, जो मतली, उल्टी, दस्त और पेट दर्द का कारण बन सकता है। इस विषाक्त पदार्थ को नष्ट करने के लिए राजमा को अच्छी तरह भिगोकर और उबालकर पकाना जरूरी है।

पालक और चुकंदर के पत्तों में ऑक्सालेट की मात्रा ज़्यादा होती है, और जब ये कैल्शियम के साथ मिलते हैं, तो गुर्दे की पथरी (किडनी स्टोन) बन सकती है। इन्हें हल्का उबालकर और कैल्शियम वाले खाने के साथ लेना बेहतर है।

पत्तागोभी, फूलगोभी और ब्रोकली जैसी क्रूसिफेरस सब्जियों में गोइट्रोजन होते हैं, जो अधिक मात्रा में कच्चा खाने पर थायरॉयड पर असर डाल सकते हैं। ये यौगिक थायरॉयड ग्रंथि को आयोडीन का उपयोग करने से रोकते हैं, जो थायरॉयड हार्मोन बनाने के लिए आवश्यक है। इन सब्जियों को पकाने से गोइट्रोजन कम हो जाते हैं और उनका प्रभाव भी कम हो जाता है।

आलू भी गलत तरह से पकाने या रखने पर हानिकारक हो सकते हैं। रोशनी या गर्मी लगने से आलू पर हरा हिस्सा बन जाता है, जिसमें सोलनिन नाम का ज़हर होता है। ऐसे आलू खाने से सिरदर्द, उनींदापन, मतली, उल्टी और पेट में ऐंठन जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं। आलू का हरा हिस्सा काट दें और अंकुरित या कड़वे आलू बिल्कुल न खाएं।

कसावा (टैपिओका) को अगर ठीक से पकाया नहीं जाता है, तो उसमें मौजूद लिनामारिन नामक जहरीले रसायन से शरीर में साइनाइड बन सकता है। कच्चा या गलत तरीके से तैयार कसावा खाने से साइनाइड विषाक्तता हो सकती है, जिससे चक्कर आना, मतली, और गंभीर मामलों में दौरे और मृत्यु भी हो सकती है। पारंपरिक तरीकों से जैसे भिगोना, कसना, फर्मेंट करना और अच्छी तरह पकाना कसावा को खाने के लिए सुरक्षित बनाते हैं।

मशरूम, खासकर जंगली, गलत पहचान या पकाने पर जहरीले हो सकते हैं। इसलिए हमेशा भरोसेमंद जगह से ही खरीदें। इसके अलावा मशरूम को अच्छी तरह पकाकर न खाने से भी पेट में दर्द, मतली, उल्टी और दस्त जैसी पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। पकाने से कुछ खतरनाक यौगिक (जैसे एगैरिटाइन) समाप्त हो जाते हैं, हानिकारक बैक्टीरिया मर जाते हैं।

आखिर में, सब्जियां सेहत का अहम हिस्सा हैं, लेकिन इन्हें सही तरह से पकाना बेहद जरूरी है। अच्छी तरह उबालना, स्टीम करना, सही ढंग से स्टोर करना और सुरक्षित सोर्सिंग, ये सब तरीके प्राकृतिक जहर को कम करते हैं और सब्जियों को खाने के लिए सुरक्षित, स्वादिष्ट और पौष्टिक बनाते हैं।
