1/7डायबिटीज आजकल एक कॉमन बीमारी बन चुकी है। कॉमन है इसका मतलब ये नहीं कि इसे हल्के में लेना चाहिए। लगातार बढ़ी हुई शुगर 'साइलेंट किलर' की तरह काम करती है और बॉडी के कई अंगों को डैमेज करने का काम करती है। ऐसे में प्रॉपर मेडिकेशन के साथ साथ अपनी डाइट का ध्यान रखने की भी सख्त जरूरत है। अगर आप अपनी डाइट में सही चीजें शामिल करें, तो शुगर काफी हद तक कंट्रोल हो सकती है।

न्यूट्रीशनिस्ट डॉ हर्षिता कौशिक एक इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए बताती हैं कि अगर आप अपने शुगर रिवर्सल मोड को एक्टिव कर लेते हैं, तो डायबिटीज नेचुरली रिवर्स हो सकती है। दरअसल हमारी बॉडी में दो मोड होते हैं, ग्लोकोज स्टोरेज मोड और ग्लूकोज रिवर्सल मोड। ऐसे में अगर आप वाकई अपनी डायबिटीज को रिवर्स करना चाहते हैं, तो ये 5 फूड्स आपको अपनी डाइट में जरूर शामिल कर लेने चाहिए।

न्यूट्रीशनिस्ट कहती हैं कि डबल बींस प्रोटीन और फाइबर का अमेजिंग कॉम्बिनेशन हैं। साथ ही इनमें रेजिस्टेंट स्टार्च भी मौजूद होता है, जो ब्लड शुगर स्पाइक को कंट्रोल करने में मदद करता है। इसे पावर पैक्ड फूड को आपको अपनी डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए।

डॉ हर्षिता कहती हैं कि राजमा भी डायबिटिक पेशेंट के लिए काफी फायदेमंद होता है। दरअसल इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स काफी कम होता है, इसलिए इसे खाने के बाद ब्लड शुगर लेवल तेजी से स्पाइक नहीं होता है। जिन लोगों को राजमा पचाने में मुश्किल लगता है, उन्हें इसे कम से कम 12 घंटों तक भिगोकर रखना चाहिए और प्रेशर कुकर में पकाना चाहिए। इसके अलावा राजमे में हींग और अदरक जरूर डालें, इससे राजमा आसानी से डाइजेस्ट हो जाएगा।

डायबिटीज रिवर्सल में मेथी दाना काफी बेनिफिशियल होता है। आपको रोज रात एक गिलास पानी में एक चम्मच मेथी दाना भिगोकर रखना चाहिए, फिर खाली पेट उस पानी को ड्रिंक कर लें और मेथी दाना को चबा चबाकर खा लें। हालांकि जिन लोगों को ब्लोटिंग और एसिडिटी की शिकायत रहती है, उन लोगों को मेथी दाना चबाकर खाना नहीं चाहिए।

न्यूट्रीशनिस्ट कहती हैं कि चावल और गेहूं की जगह आपको कंगनी मिलेट अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए। इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स काफी कम होता है, जिससे ब्लड शुगर स्पाइक नहीं होता। इसे खाने के बाद 5-6 घंटे तक आपका ब्लड शुगर लेवल स्टेबल बना रहता है।

डॉ हर्षिता कहती हैं कि चिया सीड्स को रात भर भिगोकर रखें, फिर सुबह दही या छाछ में एड कर के इन्हें कंज्यूम करें। इनमें फाइबर भरपूर मात्रा में होता है, जिस वजह से ये ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल रखने में मदद करते हैं।
