
वैश्विक हालातों की वजह से LPG सिलेंडर महंगा हो गया है और बुकिंग डेट भी पहले से बढ़ा दी गई है। ऐसे में अगर अचानक गैस खत्म हो जाए तो इंडक्शन का इस्तेमाल सबसे सही ऑप्शन लगता है। हालांकि इसे ले कर लोगों में एक कन्फ्यूजन बनी रहती है और वो ये है कि क्या इंडक्शन पर रोटी बनाई जा सकती है। जी हां, ये कन्फ्यूजन बड़ी आम है और कई लोग तो इंडक्शन इसलिए भी नहीं लेते क्योंकि उन्हें लगता कि इसपर रोटी अच्छी तरह नहीं सिक पाती है। तो चलिए जानते हैं आखिर इंडक्शन पर रोटी बन सकती है या नहीं।

2/7जी हां, आप आराम से इंडक्शन पर रोटी बना सकते हैं। ये गलतफहमी है कि इंडक्शन पर रोटी अच्छे से फूलती नहीं है और कच्ची रह जाती है। बस इसपर रोटी बनाते हुए कुछ बातें ध्यान में रखनी होती हैं। सही तापमान और बर्तन का ध्यान रखेंगे तो रोटियां एकदम सॉफ्ट और फूली-फूली बनती हैं।

3/7इंडक्शन पर रोटियां बनाने के लिए नॉर्मल तवे का इस्तेमाल नहीं किया जाता है। नॉर्मल तवे की तली थोड़ी उठी हुई रहती है, जो इंडक्शन को टच नहीं कर पाती। तभी रोटी कच्ची रह जाती है। इसलिए हमेशा इंडक्शन फ्रेंडली फ्लैट बेस वाला तवा यूज करें। ये तवा आमतौर पर डोसा बनाने के काम आता है।

4/7एकदम नर्म और फूली-फूली रोटियां बनानी हैं तो आटा भी सॉफ्ट ही लगाएं। इसके लिए गुनगुने पानी से आटा गूंथ लें, फिर ऊपर से तेल लगाकर आटे को लगभग 20 मिनट के लिए छोड़ दें। ऐसा करना जरूरी है ताकि ग्लूटेन रिलीज हो इंडक्शन पर आपकी रोटी एकदम सॉफ्ट बनें।

5/7सबसे पहले तवे को मीडियम हीट पर गर्म करने के लिए रखें। उदाहरण के लिए अगर आपके इंडक्शन का मैक्सिमम टेंपरेचर 10° है तो इसे 7° पर गर्म होने रखें। जैसे ही तवा गर्म हो जाए इसपर बेली हुई रोटी डाल दें।

6/7रोटी को तवे पर डालें और इसपर जैसे ही बुलबुले दिखने लगें, वैसे ही रोटी को पलट दें। इसी तरह दूसरी तरफ से बुलबुले दिखने तक रोटी सेंक लें। ध्यान रखें इसे बहुत ज्यादा ब्राउन नहीं करना है।

7/7इंडक्शन पर आप गैस की तरह रोटी को आंच पर नहीं सेंक सकते हैं। इसलिए यहां कपड़े का इस्तेमाल किया जाता है। एक साफ सूती कपड़े से रोटी के किनारों को दबाते हुए फुलाएं। ये हल्की-हल्की फूलने लगे तो दूसरी तरफ पलटा दें। फिर फूले हुए हिस्से को हल्का सा दबाते हुए रोटी अच्छी तरह सेंक लें। बिल्कुल गैस की तरह रोटी बनेगी।
