
सिरदर्द एक बहुत ही कॉमन समस्या है, जो कई वजहों से हो सकता है। अगर आपको भी बार-बार सिरदर्द की समस्या होती है तो एम्स की न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. प्रियंका सहरावत ने 10 टिप्स शेयर की हैं जो समस्या से बचाव कर सकती हैं। जानिए-

2/12ब्रेकफास्ट को दिनभर की सबसे जरूरी मील्स में से एक माना जाता है। रातभर कुछ ना खाने के बाद सुबह का ब्रेकफास्ट बहुत जरूरी होता है। अगर आपको सिरदर्द की समस्या रहती है तो इसे बिल्कुल भी स्किप ना करें।

3/12इंटरमिटेंट फास्टिंग में खाना पीना समय सीमा के अंदर रहकर पूरा करना होता है। वेट लॉस के लिए ये बेहतरीन है लेकिन जिन लोगों को बार-बार सिरदर्द की समस्या होती है वह इससे बचें।

4/12शरीर को पानी की जरूरत होती है। हेल्दी रहने के लिए ये बहुत जरूरी है। दिन भर में कम से कम 6 से 8 गिलास पानी जरूर पिएं। इससे सिरदर्द की समस्या से बचाव होगा।

5/12सुबह खाली पेट चाय या कॉफी पीने से एसिडिटी और गैस, डिहाइड्रेशन, ब्लड शुगर में असंतुलन की समस्या हो सकती है। ये दिक्कतें सिरदर्द को ट्रिगर कर सकती हैं।

6/12धूप की वजह से होने वाले सिरदर्द, जिसे अक्सर सन हेडेक या माइग्रेन ट्रिगर कहते हैं। इससे बचने के लिए चश्मा और छाते का इस्तेमाल करें।

7/12सिरदर्द का हमारे खाने-पीने की टाइमिंग से बहुत ही गहरा और सीधा संबंध है। लंच या डिनर स्किप करने की वजह से सिरदर्द की समस्या हो सकती है।

8/12शाम 6 बजे के बाद चाय, कॉफी या ग्रीन टी का पीने से रात की नींद खराब हो सकती है, जो अगले दिन भयंकर सिरदर्द का सबसे बड़ा कारण बनता है।

9/12रात को सोने से पहले फोन स्क्रॉल करना या टीवी देखना सिरदर्द और माइग्रेन का एक बहुत बड़ा कारण बन चुका है। सोने से दो घंटे पहले स्क्रीन से दूरी बनाएं। ये आपके दिमाग के लिए एक रीसेट बटन की तरह काम करता है।

10/12सिरदर्द को जड़ से खत्म करने के लिए स्लीप हाइजीन यानी सोने की अच्छी आदतें सबसे बड़ा और असरदार हथियार है। ध्यान रखें 7-8 घंटे सो जाना ही काफी नहीं है, बल्कि सोने का तरीका और माहौल भी उतना ही मायने रखता है। नींद में थोड़ी सी गड़बड़ी सिरदर्द को ट्रिगर कर सकती है।

11/12दूर कहीं ट्रैवल कर रहे हैं तो हर 90 मिनट में 5 मिनट का ब्रेक लें। ये आपको रिलेक्स करने में मदद करेगा और सिरदर्द से भी बचाव होगा।

12/12सिरदर्द या माइग्रेन की समस्या से परेशान लोगों का दिमाग और पूरा नर्वस सिस्टम बहुत ज्यादा सेंसेटिव हो जाता है। ऐसे में तेज आवाज में बोलना या तेज आवाज के संपर्क में आने से सिरदर्द ट्रिगर हो सकता है।
