
डायबिटीज का नाम लेते ही लोगों को बस इन्हीं लक्षणों की याद आती है। हाई ब्लड शुगर लेवल, बार-बार यूरिन पास करना, प्यास लगना। लेकिन ज्यादातर लोग डायबिटीज के पैरों में दिखने वाले लक्षणों को इग्नोर कर देते हैं। जबकि हमारे पैर पूरी बॉडी का वजन सम्भालने के साथ ही सेहत का वजन भी संभालते हैं। पैर में ब्लड फ्लो अगर सही नहीं होगा या नर्व फंक्शन सहीं नहीं होगा तो ये शरीर की बीमारियों की ओर इशारा करती हैं। और डायबिटीज ब्लड फ्लो और नर्व फंक्शन दोनों को प्रभावित करता है। इसी वजह से पैरों में डायबिटीज की शुरुआत में ही ये लक्षण दिखने लगते हैं।

2/8काफी सारे लोग पैरों में झुनझुनी या सूई चुभने जैसा महसूस होने की शिकायत करते हैं। लोगों को लगता है कि ये समस्या लगातार एक जगह बैठे रहने की वजह से होती है। लेकिन पैरों में झुनझुनी या सूई चुभने जैसा हर समय या बार-बार, जल्दी-जल्दी महसूस होता है तो ये आपके नर्व डैमेज का संकेत हो सकता है। ये पेरिफेरल न्यूरोपैथी बोला जाता है। जो डायबिटीज में होने वाली कॉमन दिक्कत है।

3/8काफी लोगों को पैर की काल्व्स मसल्स यानि पिंडलियां, घुटने के पीछे नीचे की तरफ वाला हिस्सा, वहां पर जलन महसूस होती है। इस तरह की समस्या कई बार बहुत ज्यादा चलने की वजह े या थकान से होती है। लेकिन डायबिटीज में नर्व फंक्शन ठीक से काम ना करने पर भी ये दिक्कत होती है। काफी सारे मरीजों में ये बर्निंग सेनसेशन रात को होती है।

4/8सुनने में अजीब लग सकता है लेकिन पैर के बाल या रोएं तेजी से कम हो गए हैं तो ये डायबिटीज का सिग्नल हो सकता है। लोग इसे उम्र का असर समझते हैं लेकिन खराब ब्लड फ्लो की वजह से ऐसा होता है। डायबिटीज में पर्याप्त न्यूट्रिएंट्स और ऑक्सीजन हेयर रूट्स तक नहीं पहुंच पाता। जिसकी वजह से पैर के बाल धीरे-धीरे या कई बार पैच में निकल जाते हैं।

5/8रात को अचानक पैरों में दर्द डायबिटीज का लक्षण होता है। जबकि लोग इसे डिहाइड्रेशन या मिनरल्स की कमी से जोड़ते हैं। जबकि ये खराब ब्लड फ्लो और नर्व में दिक्कत की वजह से होता है। जब पूरे ब्लड की सप्लाई नहीं हो पाती है तो दर्द होने लगता है।

6/8कुछ लोगों के एंकल और पिंडलियों की स्किन का कलर बदल जाता है। ये ज्यादा डार्क दिखता है या गहरे रंग के धब्बे जैसा बन जाता है। अक्सर लोग इसे गंदगी और सनबर्न से जोड़कर देखते हैं। लेकिन ये डायबिटीज का लक्षण होते हैं। हाई ब्लड शुगर स्माल ब्लड वेसल्स को प्रभावित करती हैं। जिससे स्किन चेंज हो जाती है।

7/8काफी सारे लोगों के पैरों को ध्यान से देखने पर पता चलता है कि उनकी स्किन कुछ ज्यादा टाइट और चमकीली दिखने लगती है। ये फ्लूइड रिटेंशन या सूजन की वजह से होता है। जो बताता है कि पैरों में सही ब्लड फ्लो नहीं हो रहा।

8/8कई बार तलवों के टेंपरेचर में भी बदलाव होता है। कुछ लोगों के पैर काफी ज्यादा ठंडे हो जाते हैं तो वहीं कुछ के बेहद गर्म हो जाते हैं। ये ज्यादातर ब्लड वेसल्स के डैमेज होने की वजह से होते हैं।
