1/7सर्दियों के रोजमर्रा के कामों में एक काम ऐसा भी है, जिसे शायद ही कोई महिला अपनी पसंद से करती होगी। जी हां और वो है ठंडे पानी से बर्तन धोना। कड़ाके की ठंड में नल से गिरता ठंडा पानी हाथों को सुन्न कर देता है। काफी हिम्मत करने के बाद रसोई की सिंक में रखे गंदे बर्तन साफ करने अगर आप पहुंच भी जाती हैं तो ये 7 गलतियां आपके हाथों की नमी खींचकर उन्हें ड्राई बना देती हैं। आइए जानते हैं सर्दियों के दौरान बर्तन धोते समय किन गलतियों को करने से बचना चाहिए।

सर्दियों में बर्तन धोने के लिए हमेशा रबर या लेटेक्स के अंदर कॉटन लाइनिंग वाले दस्ताने इस्तेमाल करें। ये गर्म रहने के साथ हाथों को भी सुरक्षित रखते हैं।

बहुत तेज गर्म पानी स्किन की नेचुरल नमी खींच लेता है। जिससे हाथों में जलन और फटने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। बर्तन धोने के लिए पानी को हल्का गुनगुना रखें, न ज्यादा गर्म और न ज्यादा ठंडा। ऐसा पानी स्किन को नुकसान नहीं पहुंचाता है।

अगर आप एक बार में सिंक भर के बर्तन धोने लगती हैं, तो हाथ लंबे समय तक पानी में डूबे रहते हैं, जिससे सर्दी लगने के साथ हाथों की त्वचा को भी नुकसान हो सकता है। गंदे बर्तन इकट्ठा ना होने दें।

सस्ते लिक्विड या साबुन में ज्यादा केमिकल मौजूद होते हैं, जो हाथों की त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इस तरह के साबुन बर्तन पर लगी गंदगी को भी पूरी तरह साफ नहीं कर पाते है। ऐसे में बर्तन धोने के लिए हमेशा अच्छी क्वालिटी का डिशवॉश लिक्विड ही खरीदें। जिनमें ग्लिसरीन, एलोवेरा या मॉइश्चराइजर हो और बर्तन धोते समय हाथों को ड्राई होने से बचाए।

कई बार कुछ बर्तनों पर लगी गंदगी बड़ी मुश्किल से साफ होती है। जिसे साफ करने के लिए महिलाओं को लंबे समय तक हाथ पानी में डाले रखने पड़ते हैं। लेकिन इस गंदगी को साफ करने के लिए आप बेकिंग सोडा का यूज कर सकते हैं। गंदे बर्तनों पर बस थोड़ा सा बेकिंग सोडा छिड़ककर उसके ऊपर थोड़ा सा नींबू का रस डाल दें। यह उपाय गंदे बर्तनों पर चिपकी गंदगी को तेजी से ढीला करके साफ करने में मदद करता है।

कई बार लोग बर्तन धोने के बाद आलस में हाथों पर क्रीम नहीं लगाते हैं। जिसकी वजह से हाथ रूखे और फटने लगते हैं। इस गलती को करने से बचें। बर्तन धोने के तुरंत बाद हाथ पोंछकर कोई अच्छी क्रीम हाथों पर लगाएं। ऐसा करने से हाथों की कोमलता बनी रहती है।
