1/8अगर आप चाहते हैं कि दिनभर की थकान के बाद रात को बिस्तर पर लेटते ही आपको छोटे बच्चों की तरह सुकून भरी गहरी नींद आ जाए तो आपको आपने खाने-पीने की आदतों में थोड़ा बदलाव करने की जरूरत हो सकती है। कई बार हेल्दी लगने वाली चीज को खाने पीने तक का समय उसे आपकी सेहत के लिए अच्छा नहीं बल्कि खराब बना सकता है। सोने से पहले के आखिरी कुछ घंटों तक की हर चीज बेहद मायने रखती है, खासकर आप क्या खाते हैं।

रात में 1-2 ग्लास पानी पीना ठीक है, लेकिन 500 ml से ज्यादा पानी पीने से रात में 2-3 बार टॉयलेट के लिए उठना पड़ सकता है। जो बार-बार नींद टूटने का कारण बन सकता है। रात को बार-बार नींद टूटने से अगले दिन थकान, चिड़चिड़ापन और इम्यूनिटी कमजोर होने की समस्या हो सकती है। जिन लोगों को किडनी या दिल की बीमारी है, उनके लिए नॉक्ट्यूरिया (रात में बार-बार पेशाब) और सूजन का खतरा बढ़ जाता है।

चाय-कॉफी में मौजूद कैफीन का असर 5-6 घंटे तक बना रह सकता है। रात 8 बजे अगर आप चाय पीते हैं तो आधी रात तक भी दिमाग अलर्ट रहता है। इस आदत को अपनाने वाले लोगों को गहरी नींद नहीं आती, REM स्लीप कम हो जाती है, जिससे सुबह उठते ही थकान लगती है।

रात को ठीक सोने से पहले तीखा, मसालेदार या तला हुआ खाना खाने से व्यक्ति को एसिड रिफ्लक्स, सीने में जलन, गैस की समस्या रात भर परेशान कर सकती है।

रात को सोने से ठीक पहले कुछ भी मीठा खाने से ब्लड शुगर तेजी से ऊपर जाता है, फिर अचानक गिरता है। जिससे रात में पसीना, बेचैनी और बार-बार नींद टूटना जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं। लंबे समय तक बनी हुई यह आदत इंसुलिन रेजिस्टेंस का खतरा बढञा सकती है।

लोग सोचते हैं शराब नींद लाती है, लेकिन सच यह है कि पहले तो नींद आ जाती है, पर 3-4 घंटे बाद बॉडी अल्कोहल को तोड़ने लगती है। जिससे नींद टूट जाती है। इतना ही नहीं REM स्लीप पूरी तरह ब्लॉक हो जाती है। जिसकी वजह से सुबह सिरदर्द और हैंगओवर जैसी परेशान देखने को मिलती है।

खट्टे फल और जूस का सेवन रात को करने से, यह एसिडिक हो सकता है। जिससे रात में एसिडिटी और सीने में जलन बढ़ सकती है।

रात की आखिरी मील रात 8 बजे तक हो जानी चाहिए। सोने से 1 घंटा पहले सिर्फ 100-150 ml पानी या गुनगुना दूध (बिना चीनी) पी सकते हैं। हल्का स्नैक चाहो तो: एक मुट्ठी बादाम/अखरोट या एक केला या सादा दही डाइट में शामिल कर सकते हैं।
