
शरीर के बाकी हिस्सों की तरह प्राइवेट पार्ट की साफ-सफाई और केयर करना जरूरी होता है। महिलाएं इस मामले में अब पहले से ज्यादा सजग हैं और इंटीमेट एरिया का खास ध्यान रखती हैं, जिससे किसी भी तरह की बीमारियों से बचा जा सके। लेकिन गायनेकोलॉजिस्ट का कहना है कि काफी सारी महिलाएं जिन आदतों को अच्छा समझकर फॉलो करती हैं दरअसल, वो आपके इंटीमेट हेल्थ को चुपके से बिगाड़ रही हैं। तो इन इंटीमेट एरिया की 'गुड हैबिट्स' को आज से ही करना बंद कर दें।

2/7काफी सारी महिलाएं इंटीमेट एरिया की सफाई के चक्कर में प्राइवेट पार्ट को काफी ज्यादा साफ करती हैं। ये ओवरवॉशिंग वजाइना में इरिटेशन और डिसकंफर्ट बढ़ा देता है।

3/7महिलाएं जागरुक हो गई हैं और मार्केट में मिलने वाले कई तरह से महक वाले प्रोडक्ट लेकर इंटीमेट एरिया की सफाई करती हैं। ये हार्श केमिकल लोडेड प्रोडक्ट वजाइना का पीएच लेवल बिगाड़ देते हैं। जिससे वहां पर ड्राईनेस, इचिंग, इरिटेशन शुरू हो जाती है। तो जरूर से ज्यादा सफाई वजाइना की हेल्थ को बिगाड़ने लगती है।

4/7इंटीमेट एरिया की क्लीनिंग के नाम पर काफी सारी महिलाएं douching करती हैं। मतलब वजाइना के अंदर से सफाई करने की कोशिश करती है। जो कि पूरी तरह से गलत है। डॉक्टरों का मानना है कि ये प्रैक्टिस इंफेक्शन के खतरे को बढ़ा देती है। वजाइना में ऐसे बैक्टीरिया होते हैं जो खुद से नेचुरली प्राइवेट एरिया को क्लीन रखते हैं बल्कि ये डचिंग प्रैक्टिस इन गुड बैक्टीरिया को खत्म कर देती है, जिसकी वजह से इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।

5/7टाइट, नॉनब्रीदेबल फैब्रिक से बनी अंडरवियर वजाइना के एरिया में फंगल इंफेक्शन, इरिटेशन बढ़ा देती है। लगातार कई घंटों तक टाइटनेस की वजह से पसीना और मॉइश्चर इकट्ठा हो जाता है जो सूख नहीं पाता और वहां फंगस पनपने लगते हैं।

6/7प्राइवेट एरिया की क्लीनिंग का पैटर्न भी इंफेक्शन बढ़ाता है। जैसे पूप के बाद बैक से फ्रंट की सफाई। जिससे वजाइनल एरिया में बैक्टीरिया पनपने लगते हैं।

7/7काफी सारी महिलाएं सोशल मीडिया पर देखकर प्राइवेट पार्ट के कालेपन को हटाने के लिए क्रीम और प्रोडक्ट यूज करती हैं। या खास तरह की स्मेल के लिए भी यूज करती हैं। ये हार्श केमिकल वाले प्रोडक्ट वजाइनल एरिया का पीएच बैलेंस बिगाड़कर वहां इंफेक्शन और इरिटेशन पैदा कर देते हैं।
