
भारत में शादी सिर्फ दो लोगों का नहीं बल्कि दो परिवारों का मिलन माना जाता है। हालांकि, खासतौर पर लड़का-लड़की की जिंदगी बदलती है और सबसे ज्यादा बदलाव लड़की ही देखती है। नया घर, परिवार, माता-पिता, रिश्तेदार और हमसफर, सभी को लेकर लड़की को चलना पड़ता है। बीते दिनों कई ऐसे मामले आए, जिसमें शादी के बाद लड़कियों को ससुराल वालों से प्रताड़ित होकर अपनी जान गंवानी पड़ी। ऐसे में जरूरी है कि लड़कियां शादी से पहले कुछ ऐसी चीजें जरूर सीख लें, जिससे किसी भी तरह की मुसीबत आने पर आप अपने पैरों पर खड़ी रहें। लड़कियों को सास-ससुर, पति का मुंह ना ताकना पड़े। बताते हैं आखिर ये 5 चीजें कौन सी हैं।

2/7अगर आप शादी से पहले नौकरी कर रही हैं, तो जाहिर है कि शादी के बाद भी नौकरी करती रहेंगी। शादी से पहले हम अपने हिसाब से पैसों का खर्च करते हैं- कभी कम, कभी ज्यादा। बैचलर होने पर इसका ज्यादा असर नहीं पड़ता, लेकिन शादी के बाद पैसों का सही हिसाब-किताब रखना काफी जरूरी हो जाता है। इसका मतलब यह नहीं है कि आपको पति को फाइनेंशियल सपोर्ट देना है, बल्कि अपनी फाइनेंशियल सेफ्टी के लिए भी बचत करना जरूरी है। मुश्किल समय में यही बचाए हुए पैसे काम आ सकते हैं। शादी के बाद पति हर महीने कुछ पैसे दे सकता है, लेकिन अपनी कमाई को अलग से मैनेज करना और उसमें से बचत करना भी जरूरी है। जितना खर्च हो, उतना निकालें और बाकी रकम किसी अलग अकाउंट में जमा करें या किसी निवेश योजना में लगाएं।

3/7आपको खाना बनाना पसंद ना हो या फिर आता ना हो लेकिन इतना जरूर सीख लें कि कभी भूखा न सोना पड़े। वैसे तो आजकल ऑर्डर करके खाने का ऑप्शन भी है लेकिन हर दिन आप बाहर से खाना नहीं खा पाएंगी। आप सिंपल दाल-चावल-रोटी ही बनाना सीख लें। आजकल वर्किंग लड़कियां किचन में ज्यादा समय नहीं दे पाती हैं लेकिन बेसिक कुकिंग जरूर सीख लें।

4/7बड़ों से समझदारी और खुलकर बात कैसे की जाती है, ये भी सीख लें। ससुराल में इस बात का महत्व ज्यादा समझ आएगा, जब बड़े बुजुर्गों के आगे अपने बात रखनी पड़ेगी। ससुराल में अपनी बात रखते समय शर्त होती है कि किसी को बुरा भी न लगे और आपकी बात भी हो जाए। साथ ही हर रिश्ते की नींव अच्छी बातचीत पर टिकी होती है। अपनी बात सम्मानपूर्वक रखना, सामने वाले को सुनना और छोटी-छोटी बातों पर गलतफहमी से बचना रिश्तों को मजबूत बनाता है।

5/7आजकल घर की जिम्मेदारी सिर्फ लड़की की नहीं, बल्कि लड़का और लड़की दोनों की होती है। इस बात को अच्छी तरह समझना जरूरी है। आर्थिक रूप से मजबूत और जिम्मेदार बनना इसलिए जरूरी नहीं है कि आपको अकेले घर चलाना है, बल्कि इसलिए कि अगर कभी ऐसी परिस्थिति आए जहां आपको खुद जिम्मेदारी संभालनी पड़े, तो आप बिना किसी डर के आत्मनिर्भर होकर अपनी जिम्मेदारियों को अच्छे से निभा सकें।

6/7शादी के बाद ज्यादातर लड़कियां खुद को भूल जाती है। जो लड़की कभी स्टाइल मारती रहती थीं, आज उसे कंघा करना भी याद नहीं रहता। लड़कियों को ऐसी हालत में कई बार देखा गया है लेकिन आप ऐसा न करें। शादी के बाद भी सेल्फ केयर पर फोकस करें। अपनी पसंद की चीजें करें, बनाएं, घूमने जाएं। करियर और शौक को खुलकर पूरा करें। इससे आप खुश रहेंगी और आपकी मानसिक शांति बनी रहेगी। जब आप खुश रहेंगी तो रिश्ते और बेहतर होंगे।

7/7शादी की तैयारी सिर्फ कपड़ों, ज्वेलरी, रस्मों तक ही नहीं होती बल्कि कुछ चीजों को सीख-समझकर आपको खुद भी मेंटली रेडी होना पड़ेगा। हालांकि, ये बातें सिर्फ लड़कियों ही नहीं लड़कों को भी समझनी चाहिए। शादी का रिश्ता चलाने की जिम्मेदारी दोनों की होती है।
