पुरुषोत्तम मास में डायटीशियन फॉलो करेंगी ये 5 चीजें, अच्छी सेहत के लिए आप भी अपनाएं

अधिक मास भगवान विष्णु को समर्पित होता है इसलिए इसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है। इस दौरान डायटीशियन 5 बातों को फॉलो करेंगी जिसे आप भी अच्छी सेहत के लिए अपना सकते हैं। 

Avantika JainMay 17, 2026 12:13 am IST
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पुरुषोत्तम मास के लिए 5 चीजें

पुरुषोत्तम मास को हमारी संस्कृति में सबसे पवित्र महीनों में से एक माना जाता है। ये महीना 17 मई से 15 जून तक रहेगा। इस महीने में फिजिकल हेल्थ और इमोशनल हेल्थ की बेहतरी के लिए आयर्वेदिक डॉक्टर दीक्षा भावसार द्वारा बताई गई 5 चीजों को अपनाएं।

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सनसेट से पहले डिनर

आयुर्वेदिक डॉक्टर अगले तीस दिनों तक सनसेट से पहले डिनर करेंगी, उनकी कोशिश शाम 7:30 से पहले डिनर करने की रहेगी। वह ओवरईटिंग नहीं करेंगी। इसके अलावा स्नैकिंग के लिए कुछ भी नहीं खाएंगी और देर रात हैवी खाने से बचेंगी। दरअसल आयुर्वेद के मुताबिक बॉडी देर रात को हील करती है और इस समय पर पाचन को आराम मिलता है।

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एक महीने तक जल्दी खाने से क्या होगा

एक महीने तक जल्दी खाना खाने से ब्लटिंग की समस्या कम होती है, नींद बेहतर होती है, क्रेविंग शांत होती हैं और स्किन-एनर्जी बेहतर होती है। ऐसा करने पर बॉडी में इंफ्लामेशन कम होता है।

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दवा की तरह बचाएं एनर्जी

इस महीने में दिमाग के साथ काम लेने की जरूरत होगी। इसलिए हमेशा इस बात पर गौर करें कि आप किसके साथ समय बिता रहे हैं, ऑनलाइन क्या देख रहे हैं, बेवजह बहस ना करें, हर चीज पर प्रतिक्रिया ना दें। ऐसा इसलिए क्योंकि आयुर्वेद मानता है कि आपकी फीलिंग का असर दोष पर होता है। हर चीज के लिए आपको एनर्जी वेस्ट करने की जरूरत नहीं है। शांति सबसे बढ़िया इलाज है।

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दिमाग और शरीर को शांत करें

गर्मियों के दिनों में शरीर में पित्त बढ़ जाता है, तो इस महीने के दौरान नारियल पानी, भीगी किशमिश, गुलकंड, मौसमी फल, घर की बनी ठंडी ड्रिंक्स, पानी की भरपूर मात्रा वाला खाना खाएं। इसके अलावा बहुत ज्यादा स्पाइसी खाना, डीप फ्राइड खाना, बहुत ज्यादा कैफीन, या देर रात तक खाने से बचें। शरीर में बहुत ज्यादा गर्मी से गुस्सा, एसिडिटी, हेयरफॉल,खराब नींद की समस्या हो सकती है। जब बॉडी कूल रहती है तो दिमाग भी ठंडा रहता है।

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30 मिनट रोजाना की शांति

दिनभर में 30 मिनट के लिए बिना फोन, गाने, स्क्रोलिंग या फिर बातचीत के दिन बिताएं। मौन रखना एक पुरानी आदत है जिसे बड़े बुजुर्ग सालों से फॉलो कर रहे हैं। एक्सपर्ट कहती है भागदौड़ वाली इस दुनिया में शांति दवा की तरह काम कर सकती है। इस महीने में ज्यादा समय प्रार्थना करने में, गहरी सांस लें और सिर्फ उस दौरान अपने साथ बैठें।

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सूर्येदय से पहले उठें

सूर्योदय से पहले 20 से 30 मिनट के लिए शांत बैठें, प्रार्थना करें, स्ट्रेचिंग करें, पैदल चले और सांस लें। ब्रम्हा मुहर्त में दिमाग ज्यादा क्लीयर महसूस होता है, फीलिंग्स हल्का महसूस करती हैं और आपका पूरा दिन बदल सकता है।

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