
दुनिया के सबसे लोकप्रिय मेसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp में हाल ही में बड़ा लीडरशिप चेंज देखने को मिला है। भारतीय बिजनेसमैन और CRED के फाउंडर कुणाल शाह को WhatsApp का नया ग्लोबल हेड बनाए जाने की खबर ने एक बार फिर यह चर्चा छेड़ दी कि आखिर क्यों दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियां भारतीय मूल के चेहरों पर भरोसा जता रही हैं। चाहे सर्च इंजन हो, सोशल मीडिया, क्लाउड कंप्यूटिंग, साइबर सिक्योरिटी या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, लगभग हर बड़े टेक सेक्टर में भारतीय मूल के CEOs अपनी पहचान बना रहे हैं।

2/8FreeCharge और CRED जैसे सफल स्टार्टअप्स के फाउंडर कुणाल शाह को भारत के सबसे प्रभावशाली आंत्रपन्योर्स में गिना जाता है। कंज्यूमर बिहेवियर, फिनटेक और डिजिटल बिजनेस मॉडल की गहरी समझ के लिए मशहूर शाह ने भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम में अपनी अलग पहचान बनाई है। हाल ही में WhatsApp में मिली जिम्मदेरी के बाद वह ग्लोबल टेक जगत में चर्चा का विषय बन गए हैं।

3/8तमिलनाडु के चेन्नई में जन्मे सुंदर पिचाई आज Google और उसकी पैरेंट कंपनी Alphabet के CEO हैं। उन्होंने 2004 में Google जॉइन किया था और Google Chrome, Chrome OS और Android जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स में अहम भूमिका निभाई। साल 2015 में उन्हें Google का CEO बनाया गया, जबकि 2019 में उन्होंने Alphabet की कमान भी संभाल ली।

4/8हैदराबाद में जन्मे सत्या नाडेला 2014 से Microsoft के CEO हैं। उनकी लीडरशिप में कंपनी ने क्लाउड कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर के क्षेत्र में जबरदस्त सफलता हासिल की है। Azure क्लाउड प्लेटफॉर्म की तेजी से बढ़ती लोकप्रियता और OpenAI के साथ पार्टनरशिप ने Microsoft को AI एरा की सबसे मजबूत कंपनियों में शामिल कर दिया है।

5/8नील मोहन आज दुनिया के सबसे बड़े वीडियो प्लेटफॉर्म YouTube के CEO हैं। भारतीय मूल के मोहन ने अपने करियर की शुरुआत टेक्नोलॉजी और डिजिटल एडवर्टाइजमें एरिया से की थी। Google में लंबे वक्त तक काम करने के बाद उन्हें 2023 में YouTube का CEO बनाया गया।

6/8हैदराबाद में जन्मे शांतनु नारायण 2007 से Adobe के CEO हैं। उनकी लीडरशिप में Adobe ने ट्रेडिशनल सॉफ्टवेयर सेलिंग मॉडल से निकलकर क्लाउड बेस्ड सब्सक्रिप्शन मॉडल अपनाया। Photoshop, Premiere Pro, Illustrator और Acrobat जैसे प्रोडक्ट्स को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का क्रेडिट भी काफी हद तक उन्हें दिया जाता है।

7/8पश्चिम बंगाल में जन्मे अरविंद कृष्णा साल 2020 से IBM के CEO हैं। उन्होंने IBM को हाइब्रिड क्लाउड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर फोकस करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। Red Hat के इंटीग्रेशन को सफल बनाने में भी उनका बड़ा योगदान रहा।

8/8IIT मद्रास से पढ़ाई करने वाले श्रीनिवास ने OpenAI, Google और DeepMind जैसे ऑर्गनाइजेशंस में रिसर्च का एक्सपीरियंस हासिल किया। इसके बाद उन्होंने Perplexity AI की शुरुआत की, जो AI बेस्ड सर्च इंजन के तौर पर तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।
