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Yoga Tips : 15 दिन में खर्राटों से छुटकारा दिलाएंगे ये योगासन, Expert से जानिए

हिन्दुस्तान फीचर टीम, नई दिल्ली
snoring
कई लोगों के मुंह से सोते समय खर्र-खर्र की एक विशेष आवाज निकलती है, जिसे खर्राटे भरना कहा जाता है। यह एक आम समस्या है। लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि खर्राटों के कारण नाक, गला, हृदय और फेफड़े से जुड़े रोग पनप सकते हैं और रक्तचाप की समस्या भी हो सकती है। दूसरी ओर इनके कारण कभी-कभी तो तलाक तक की नौबत आ जाती है। खर्राटों के कारण व्यक्ति एकाग्रता खोने लगता है। इसकी वजह से उसे थकान, आलस, कार्यक्षमता में कमी, सिरदर्द, व्यवहार संबंधी समस्याएं व यौन उदासीनता जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। योग गुरु सुनील सिंह का कहना है कि खर्राटे नींद के दौरान सांस के रास्ते में अवरोध आने से पैदा होते हैं। जब सांस के जरिये अंदर ली जाने वाली हवा के प्रवाह में किसी कारणवश कोई बाधा आती है, तब हमारे नरम तालू में कंपन होने लगता है। इस कारण मुंह के अंदर से खर्र-खर्र की आवाज निकलती है, जिसे खर्राटा कहा जाता है।
snoring
कारण : श्वास मार्ग में अवरोध के कई कारण होते हैं। जैसे- हड्डी का बढ़ना, नाक में मांस का बढ़ना, तालू का लंबा होना, टॉन्सिल बढ़ना, मोटी गर्दन आदि। शराब-सिगरेट भी कारण हो सकते हैं। आधुनिक चिकित्सा विज्ञान खर्राटों से छुटकारा दिलाने के लिए सर्जरी जैसे उपाय पर निर्भर है। पर हम जापानी पद्घति की शिअत्सू व योग के कुछ ऐसे आसनों के बारे में बता रहे हैं, जिनका सिर्फ 15 दिन अभ्यास करके खर्राटों में पचास फीसदी की कमी लाई जा सकती है।
shiatsu
शिअत्सू की कला : पद्मासन या सुखासन में बैठ जाएं। दोनों आंखों को बंद कर कमर, गर्दन बिल्कुल सीधी रखें। बाएं हाथ को घुटने पर (ज्ञान मुद्रा में) रखें और दाएं हाथ की तर्जनी अंगुली से अपने ऊपरी होंठ के बीचोबीच नाक के ठीक नीचे वाले स्थान पर एक मिनट तक दबाव डालें। इस क्रिया का अभ्यास कम से कम पांच बार करें। यह कुर्सी पर भी बैठ कर कर सकते हैं। लाभ : यह क्रिया खर्राटे के लिए राम-बाण है। इससे गले से जुड़े रोग भी दूर होंगे।
simhasana
सिंहासन : इस आसन में हमारे शरीर की मुद्रा सिंह के समान हो जाती है। लाभ : यह खर्राटे से छुटकारे के लिए सवार्ेत्तम आसन है। इसके अभ्यास से मुख, दांत, जीभ व गले के रोग दूर होते हैं। इसके अभ्यास से तीनों बंध अर्थात मूल बंध, उड्डीयान बंध और जालंधर बंध स्वत: लग जाते हैं। यह थायराइड संबंधी समस्या में भी लाभकारी है।
योग की ग्रीवा शक्ति विकासक क्रिया करके गले की मांसपेशियों का मोटापा कम किया जा सकता है, जिससे खर्राटों की समस्या दूर हो सकती है। ग्रीवा शक्ति विकासक क्रिया : सुखासन या पद्मासन में बैठें। लंबा गहरा श्वास लें और गर्दन की मांसपेशियों को अंदर खींचें। कुछ देर इस अवस्था में रुकें। फिर सांस छोड़ते हुए गले की मांसपेशियों को ढीला छोड़ें। यह क्रिया कम से कम 10 बार करें। ग्रीवा शक्ति विकासक अन्य क्रियाएं, उज्जाई श्वास क्रिया, ऊं गुंजन ध्यान और रहन-सहन में बदलाव भी खर्राटों से निजात दिला सकते हैं।
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  • Web Title:yoga tips get rid of snoring in 15 days expert suggest yogasana and know shiatsu in hindi