
पावरबैंक को हमेशा ठंडी, सूखी और अच्छी हवादार जगह पर रखें, जैसे अलमारी या टेबल पर। इसे कभी भी सीधी धूप, बंद कार, स्टोव, हीटर या रेडिएटर के पास न छोड़ें, क्योंकि गर्मी से बैटरी अंदर से फूल सकती है और थर्मल रनअवे शुरू हो सकता है। चार्जिंग के समय इसे बिस्तर, तकिया, सोफा, कालीन या कपड़ों जैसी नरम और ज्वलनशील सतहों पर रखने से पूरी तरह बचें। हमेशा कठोर, गैर-ज्वलनशील जगह जैसे मार्बल, टाइल, कंक्रीट पर रखें, ताकि गर्मी आसानी से निकल सके।

2/7पावरबैंक 100% चार्ज होते ही तुरंत अनप्लग कर दें। इसे रात भर या बिना निगरानी के चार्ज पर न छोड़ें, क्योंकि लंबे समय तक चार्जिंग से बैटरी पर दबाव पड़ता है और गर्मी बढ़ती है। लंबे समय तक स्टोर करने के लिए लगभग 40-60% चार्ज पर रखें। इसे पूरी तरह डिस्चार्ज होने से भी बचाएं, क्योंकि डीप डिस्चार्ज बैटरी को नुकसान पहुंचा सकता है और बाद में ओवरहीटिंग का खतरा बढ़ा सकता है।

3/7हमेशा पावरबैंक के साथ आए ओरिजिनल चार्जर और केबल का ही इस्तेमाल करें। गलत वोल्टेज या करंट वाले सस्ते चार्जर बैटरी को ओवरलोड कर सकते हैं। नकली या अनजान ब्रांड के केबल से बचें, क्योंकि उनमें सुरक्षा सर्किट नहीं होते। इससे शॉर्ट सर्किट या ज्यादा करंट जाने का खतरा रहता है, जो आग का कारण बन सकता है।

4/7अगर पावरबैंक गिर जाए, पंचर हो जाए, फूल जाए, लीक हो जाए, जरूरत से ज्यादा गर्म हो जाए, अजीब केमिकल जैसी गंध आने लगे या धुआं निकले, तो तुरंत इस्तेमाल करना बंद कर दें। ऐसे पावरबैंक को कभी रिपेयर करने की कोशिश न करें। इसे ऐसी जगह पर रखें जहां आग लगने का खतरा न हो, और जितना जल्दी हो सके ऑथराइज्ड ई-वेस्ट या बैटरी रीसाइक्लिंग सेंटर में जमा करवा दें, ताकि घर में कोई अनहोनी न हो।

5/7पावरबैंक को चाभी, सिक्के, पेपर क्लिप या अन्य धातु की चीजों से हमेशा अलग रखें। ये चीजें पोर्ट में घुसकर शॉर्ट सर्किट पैदा कर सकती हैं। बैग या पॉकेट में रखते समय एक अलग छोटे पाउच या केस में रखें, ताकि यह किसी धातु की चीज से संपर्क में न आए और अचानक आग या धमाके का खतरा कम रहे।

6/7सस्ते के चक्कर में बिल्कुल न पड़े, क्योंकि यह आगे चलकर भारी पड़ सकता है। खरीदने का प्लान कर रहे हैं, तो हमेशा BIS (भारतीय मानक ब्यूरो), CE, UL या अन्य अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा प्रमाणित ब्रांडेड पावरबैंक को ही प्राथमिकता दें। सस्ता और अननोन ब्रांड न चुनें। बेहतर होगा कि खरीदते समय ऑनलाइन रिव्यू चेक करें और सेकंड-हैंड पावरबैंक तो बिल्कुल न लें, क्योंकि आपको नहीं पता कि उसमें क्या खामियां हैं। कोई भी छिपा हुआ डैमेज बाद में आग का कारण बन सकता है।

7/7पावरबैंक का इस्तेमाल करने के बाद उसे ठंडा होने दें, फिर ही चार्ज करें। पास-थ्रू चार्जिंग (पावरबैंक चार्ज होते हुए फोन चार्ज करना) से जितना हो सके बचें, क्योंकि इससे डबल हीट जनरेट होती है। चार्जिंग के दौरान पावरबैंक को नजर में रखें और अगर वह असामान्य रूप से गर्म हो जाए तो तुरंत अनप्लग कर दें।
