
ऑनलाइन शॉपिंग हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुकी है। कपड़े, मोबाइल, ग्रॉसरी लगभग हर चीज अब लोग इंटरनेट से खरीद रहे हैं। लेकिन जहां सुविधा है, वहीं खतरा भी है। पिछले कुछ समय में ऑनलाइन शॉपिंग से जुड़े फ्रॉड के मामले तेजी से बढ़े हैं, जहां लोगों से पैसे लेकर या तो गलत प्रोडक्ट भेजा जाता है या फिर कुछ भी डिलीवर नहीं किया जाता। ऐसे में अगर आपके साथ ऑनलाइन स्कैम हो जाए, तो आपको पैसे वापस मिल सकते हैं।

2/6ऑनलाइन शॉपिंग स्कैम तब होता है जब कोई फर्जी वेबसाइट या सेलर आपको धोखा देकर पैसे ले लेता है। जैसे:- पैसे देने के बाद प्रोडक्ट डिलीवर न करना, नकली या खराब प्रोडक्ट भेजना, फेक वेबसाइट बनाकर ऑफर दिखाना।

3/6अगर आपको पता चलता है कि आप ऑनलाइन स्कैम का शिकार हो गए हैं, तो घबराने के बजाय एक्शन लें। Step 1: सबसे पहले अपनी ट्रांजैक्शन डिटेल्स चेक करें: कितना पैसा गया, किस अकाउंट या UPI ID पर गया और कब गया। इसके बाद तुरंत अपने बैंक या पेमेंट ऐप जैसे Google Pay या PhonePe के कस्टमर सपोर्ट से संपर्क करें और ट्रांजैक्शन को फ्रॉड के रूप में रिपोर्ट करें।

4/6अगर कार्ड से पेमेंट किया है, तो कार्ड को ब्लॉक भी करा दें ताकि आगे कोई और ट्रांजैक्शन न हो सके। साथ ही जिस वेबसाइट या सेलर से आपने खरीदारी की है, उसके खिलाफ भी शिकायत दर्ज करें और सभी स्क्रीनशॉट, मैसेज और रसीद संभालकर रखें। याद रखें, जितनी जल्दी आप रिपोर्ट करेंगे, पैसा वापस मिलने के चांस उतने ज्यादा होंगे।

5/6ऑनलाइन फ्रॉड की शिकायत करने के लिए National Cyber Crime Portal cybercrime.gov.in पर जाएं। यहां जाकर आप “Report Other Cyber Crime” या “Report Financial Fraud” ऑप्शन चुनकर अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। इसके अलावा आप 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके भी तुरंत शिकायत कर सकते हैं। शिकायत करते समय आपको ट्रांजैक्शन ID, तारीख, रकम, सामने वाले का अकाउंट/UPI ID और सभी सबूत देने होंगे।

6/6अगर आपने समय रहते शिकायत दर्ज कर दी, तो आपका केस बैंक और साइबर सेल के पास पहुंच जाता है। अगर वह पैसा अभी तक निकाला नहीं गया है या अकाउंट में मौजूद है, तो उसे फ्रीज कर दिया जाता है और प्रोसेस के बाद आपको वापस मिल सकता है। लेकिन अगर शिकायत करने में देरी हो जाती है, तो पैसा वापस मिलना मुश्किल हो सकता है क्योंकि स्कैमर्स अक्सर तुरंत पैसा निकाल लेते हैं। इसलिए सबसे जरूरी बात यही है जैसे ही फ्रॉड का पता चले, तुरंत रिपोर्ट करें और प्रोसेस को शुरू कराएं।
