
LPG गैस सिलेंडर बुकिंग और KYC से जुड़े ऑनलाइन फ्रॉड के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसी को देखते हुए सरकार और साइबर सुरक्षा एजेंसियों ने लोगों के लिए बड़ा अलर्ट जारी किया है। बताया जा रहा है कि साइबर अपराधी गैस सिलेंडर की कमी, जल्दी डिलीवरी और Aadhaar KYC अपडेट का लालच देकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। इस स्कैम में WhatsApp, SMS, फर्जी वेबसाइट, QR Code और नकली मोबाइल ऐप का इस्तेमाल किया जा रहा है।

2/7स्कैम में बताया जा रहा है कि तुरंत LPG सिलेंडर बुक नहीं किया या एलपीजी के लिए KYC अपडेट नहीं किया तो आपको सिलेंडर मिलना बंद हो सकता है। कुछ मामलों में यूजर्स को फर्जी वेबसाइट लिंक भेजे जा रहे हैं, जबकि कई जगह नकली QR Code स्कैन करवाकर बैंक डिटेल्स और पैसे चोरी किए जा रहे हैं। सरकार ने साफ कहा है कि लोग सिर्फ आधिकारिक ऐप और वेबसाइट के जरिए ही गैस सिलेंडर बुक करें।

3/7इसके लिए WhatsApp, SMS, फर्जी वेबसाइट, QR Code और नकली मोबाइल ऐप का इस्तेमाल किया जा रहा है। स्कैम में बताया जा रहा है कि तुरंत LPG सिलेंडर बुक नहीं किया या एलपीजी के लिए KYC अपडेट नहीं किया तो आपको सिलेंडर मिलना बंद हो सकता है। कुछ मामलों में यूजर्स को फर्जी वेबसाइट लिंक भेजे जा रहे हैं, जबकि कई जगह नकली QR Code स्कैन करवाकर बैंक डिटेल्स और पैसे चोरी किए जा रहे हैं। सरकार ने साफ कहा है कि लोग सिर्फ आधिकारिक ऐप और वेबसाइट के जरिए ही गैस सिलेंडर बुक करें।

4/7साइबर अपराधी सबसे पहले लोगों को SMS, WhatsApp या सोशल मीडिया के जरिए मैसेज भेजते हैं। इन मैसेज में दावा किया जाता है कि गैस सिलेंडर की भारी कमी चल रही है और तुरंत बुकिंग करनी जरूरी है। कई बार जल्दी बुक करें, सिर्फ आज का ऑफर या तुरंत सिलेंडर डिलीवरी जैसे मैसेज लिखे होते हैं ताकि लोग घबरा जाएं।

5/7इसके बाद यूजर्स को एक लिंक भेजा जाता है जो देखने में असली गैस कंपनी की वेबसाइट जैसा लगता है। कई मामलों में लोगों को QR Code स्कैन करने या APK फाइल डाउनलोड करने के लिए कहा जाता है। जैसे ही यूजर अपनी बैंक डिटेल, OTP या UPI PIN दर्ज करता है, ठग उसके अकाउंट से पैसे उड़ा लेते हैं।

6/7साइबर अपराधी नकली QR Code भेजते हैं और दावा करते हैं कि इसे स्कैन करके गैस सिलेंडर बुकिंग पूरी करनी होगी। लेकिन असल में यह लोगों की बैंकिंग जानकारी चुराने का तरीका होता है। इसके अलावा कुछ स्कैमर्स नकली मोबाइल ऐप डाउनलोड करवाते हैं। ये ऐप फोन में इंस्टॉल होने के बाद यूजर की निजी जानकारी, बैंक डिटेल्स और OTP तक चोरी कर सकते हैं। इसके अलावा मोबाइल ऐप हमेशा Google Play Store और Apple App Store जैसे आधिकारिक प्लेटफॉर्म से ही डाउनलोड करें। किसी APK फाइल या अनजान वेबसाइट से ऐप डाउनलोड करना खतरनाक हो सकता है।

7/7सरकार ने लोगों से अपील की है कि अगर कोई संदिग्ध कॉल, मैसेज या लिंक मिले तो उसे तुरंत Sanchar Saathi प्लेटफॉर्म पर रिपोर्ट करें। यह प्लेटफॉर्म साइबर फ्रॉड और फर्जी कॉल की शिकायत दर्ज करने में मदद करता है। इसके अलावा साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर भी शिकायत दर्ज की जा सकती है।
