Hindi Newsफोटोगैजेट्स15 नवंबर से लागू होंगे नए FASTag नियम, डबल टोल से बचने के लिए जरूर जान लें ये 6 आसान Tricks

15 नवंबर से लागू होंगे नए FASTag नियम, डबल टोल से बचने के लिए जरूर जान लें ये 6 आसान Tricks

FASTag के नए नियम 15 सितंबर से लागू होने जा रहे हैं। ऐसे में अगर आपका टैग इनएक्टिव है या बैलेंस कम है, तो आपको डबल टोल चार्ज देने होगा। ऐसे आपको बताते हैं कि कैसे आप डबल टोल चार्ज से बच सकते हैं:

Himani GuptaTue, 7 Oct 2025 06:41 PM
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FASTag Rules How to Avoid Double Toll Charges

हाईवे पर सफर करते हैं तो FASTag का नाम जरूर सुना होगा वही टैग जो आपकी गाड़ी के विंडशील्ड पर लगा रहता है और अपने-आप टोल भुगतान कर देता है। लेकिन अब 2025 से इस सिस्टम में कुछ बड़े बदलाव आने वाले हैं। अब अगर आपका FASTag इनएक्टिव (Inactive) है, या उसमें लो बैलेंस (Low Balance) है, या फिर आपके पास कोई टैग ही नहीं है, तो पहले की तरह डबल टोल नहीं देना पड़ेगा बल्कि अब UPI के जरिए आप सिर्फ 1.25× टोल देकर आगे बढ़ सकेंगे। यह बदलाव 15 नवंबर 2025 से पूरे भारत के सभी नेशनल हाईवे टोल प्लाज़ा पर लागू होगा। लेकिन अगर आप Double Toll से बचना चाहते हैं तो जरूर जान लें ये बातें:

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पहले था ये नियम

2025 से लागू होने जा रहे इन नियमों का उद्देश्य है टोल भुगतान को पूरी तरह डिजिटल बनाना और कैश ट्रांजेक्शन को कम करना। पहले, अगर आपका FASTag काम नहीं करता था या उसमें बैलेंस नहीं होता था, तो आपको डबल टोल चार्ज (Double Toll Fee) देना पड़ता था। इससे कई लोगों को नुकसान हुआ और कई बार FASTag स्कैन में दिक्कत आने पर भी उन्हें दो गुना पैसा देना पड़ा।

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क्या हैं नए FASTag नियम?

अब सरकार ने इस सिस्टम में सुधार किया है। अगर आपके FASTag में कोई दिक्कत है, लेकिन आप टोल बूथ पर UPI से भुगतान करते हैं (जैसे PhonePe, Paytm, Google Pay आदि से), तो अब आपको सिर्फ 1.25 गुना टोल देना होगा। यानी डबल नहीं, बल्कि सिर्फ 25% ज्यादा। हालांकि अगर आप कैश में भुगतान करेंगे, तो पहले की तरह ही 2× (डबल टोल) देना होगा।

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डबल टोल चार्ज से कैसे बचें?

1. UPI तैयार रखें: नए नियमों के तहत, अगर आपके FASTag में कोई दिक्कत आ जाती है, तो आप टोल बूथ पर UPI से भुगतान कर सकते हैं। UPI पेमेंट करने पर अब आपको डबल नहीं, बल्कि सिर्फ 1.25× टोल शुल्क देना होगा। यानी अगर टोल ₹100 है, तो आपको ₹125 देना होगा। लेकिन अगर आप कैश में पेमेंट करते हैं, तो पहले की तरह ही डबल ₹200 देना पड़ेगा।

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2. ट्रिप से पहले बैलेंस चेक करें

सबसे पहले, हर यात्रा से पहले FASTag का बैलेंस चेक करें। Paytm, Amazon Pay, Google Pay, Airtel Payments Bank या आपके लिंक्ड बैंक के ऐप से कुछ सेकंड में बैलेंस देख सकते हैं। अगर बैलेंस कम है, तो तुरंत रिचार्ज कर लें।

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3. Auto Recharge ऑन करें

दूसरा, अपने FASTag में Auto Recharge फीचर ऑन कर लें। कई ऐप्स में यह विकल्प होता है, जिससे जैसे ही आपका बैलेंस तय सीमा से नीचे जाएगा, वह अपने-आप रिचार्ज हो जाएगा। इससे आपका टैग कभी इनएक्टिव नहीं होगा।

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4. UPI तैयार रखें

अगर कभी टोल बूथ पर टैग स्कैन नहीं होता, तो तुरंत UPI स्कैनर से भुगतान करें। हर टोल प्लाजा पर अब QR कोड लगाए जा रहे हैं, जिनसे पेमेंट आसान और तुरंत हो जाता है।

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5. 60 मिनट का समय मिलेगा

सरकार ने यह भी प्रावधान रखा है कि अगर आपका टैग लो-बैलेंस में है, तो आपको 60 मिनट का समय मिलेगा रीचार्ज करने का। यानी एक घंटे के भीतर आप टैग रिचार्ज कर लें, तो कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं देना पड़ेगा।

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6. ब्लैकलिस्टिंग से बचें

ध्यान रखें टैग को ब्लैकलिस्ट होने से बचाने के लिए समय-समय पर KYC अपडेट और लिंक्ड बैंक स्टेटस भी जांचते रहें। अगर आप थोड़ी सावधानी रखें जैसे समय पर बैलेंस जांचना, ऑटो रिचार्ज रखना और जरूरत पड़ने पर UPI से भुगतान करना तो आप बिना किसी परेशानी के टोल प्लाज़ा पार कर सकते हैं और डबल टोल चार्ज से पूरी तरह बच सकते हैं।

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FASTag इनएक्टिव, ब्लैकलिस्ट या लो बैलेंस होने पर क्या होगा?

अक्सर ऐसा होता है कि FASTag ब्लैकलिस्ट या इनएक्टिव हो जाता है यानी आपका टैग लिंक्ड बैंक या सर्विस प्रोवाइडर के सर्वर से कनेक्ट नहीं हो पाता। अगर ऐसा हुआ और आपने समय रहते उसे रीचार्ज या एक्टिवेट नहीं किया, तो टोल प्लाज़ा पर आपकी गाड़ी रुकेगी और आपको 1.25× या 2× चार्ज देना पड़ेगा।