
देश में डिजिटल पेमेंट और ऑनलाइन सेवाओं का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। FASTag भी ऐसी ही एक जरूरी सेवा है, जिसका यूज लाखों वाहन मालिक रोजाना टोल प्लाजा पर करते हैं। अब इसी सुविधा का फायदा उठाकर ठग लोगों को निशाना बना रहे हैं। Indian Cyber Crime ने हाल ही में एक सार्वजनिक चेतावनी जारी की है, जिसमें बताया गया है कि कुछ फर्जी वेबसाइट्स NHAI FASTag Annual Pass सेवा का रूप लेकर लोगों से पैसे ठग रही हैं। ये वेबसाइट्स इतनी असली जैसी दिखाई देती हैं कि आम व्यक्ति के लिए असली और नकली में फर्क करना मुश्किल हो जाता है।

2/7हैरानी की बात यह है कि ये फर्जी साइट्स Google सर्च में ऊपर दिखाई दे रही हैं। कई लोग FASTag annual pass या FASTag recharge सर्च करते हैं और बिना जांचे पहली वेबसाइट पर क्लिक कर देते हैं। इसके बाद वे अपनी प्राइवेसी डिटेल और पेमेंट डिटेल डाल देते हैं और कुछ ही मिनटों में उनका पैसा गायब हो जाता है। अब सरकार ने इस खतरे को पहचानते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

3/7यह स्कैम काफी चालाकी से किया जा रहा है। साइबर ठग ऐसी वेबसाइट तैयार करते हैं जो देखने में बिल्कुल NHAI की आधिकारिक साइट जैसी लगती है। वेबसाइट का डिजाइन, लोगो, रंग और लेआउट सब कुछ असली जैसा होता है। कई बार वेबसाइट के नाम में थोड़ा बदलाव किया जाता है, जो पहली नजर में समझ में नहीं आता। इन फर्जी वेबसाइट्स को Google Ads और SEO तकनीक के जरिए प्रमोट किया जाता है। इसी वजह से जब कोई व्यक्ति FASTag Annual Pass या रिचार्ज सर्च करता है, तो ये साइट्स सर्च रिजल्ट में सबसे ऊपर दिखाई देती हैं।

4/7वेबसाइट पर जाने के बाद यूजर से नाम, मोबाइल नंबर, वाहन की जानकारी और पेमेंट डिटेल मांगी जाती है। जैसे ही पेमेंट किया जाता है, पैसा ठगों के खाते में चला जाता है। कई मामलों में यूजर को कोई रसीद या सेवा नहीं मिलती। कुछ मामलों में तो बैंक खाते से अतिरिक्त रकम भी काट ली जाती है।

5/7I4C ने साफ कहा है कि नागरिक FASTag Annual Pass से जुड़ी सेवाएं केवल आधिकारिक NHAI वेबसाइट या अधिकृत बैंक की वेबसाइट और मोबाइल ऐप से ही लें। सिर्फ इसलिए किसी वेबसाइट पर भरोसा न करें क्योंकि वह Google सर्च में सबसे ऊपर दिख रही है। लोगों को यह भी सलाह दी गई है कि किसी भी वेबसाइट पर अपनी निजी या बैंकिंग जानकारी डालने से पहले उसका लिंक ध्यान से जांच लें। वेबसाइट के URL में .gov.in होना चाहिए। अगर डोमेन अजीब लगे या स्पेलिंग गलत हो, तो तुरंत सावधान हो जाएं। इसके अलावा, QR कोड के जरिए पेमेंट करने से भी बचने को कहा गया है, खासकर अगर वेबसाइट संदिग्ध लगे।

6/7ऑनलाइन सुविधा का इस्तेमाल करना गलत नहीं है, लेकिन सावधानी बहुत जरूरी है। FASTag या किसी भी सरकारी सेवा के लिए हमेशा आधिकारिक वेबसाइट या ऐप का ही इस्तेमाल करें। वेबसाइट का पूरा पता पढ़ें। अनजान लिंक पर क्लिक न करें। अगर शक हो तो सीधे बैंक या NHAI की आधिकारिक साइट पर जाकर जानकारी लें।

7/7अगर आपके साथ ठगी हो जाती है तो तुरंत cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं या 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें। जल्दी शिकायत करने से पैसा वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
