Hindi Newsफोटोगैजेट्समोबाइल पर आया ट्रैफिक चालान असली है या नकली? ऐसे करें पहचान, Fake E-Challan से खाली होगा अकाउंट, बचने के लिए करें ये काम

मोबाइल पर आया ट्रैफिक चालान असली है या नकली? ऐसे करें पहचान, Fake E-Challan से खाली होगा अकाउंट, बचने के लिए करें ये काम

Fake RTO/E-Challan Scam में भारी वृद्धि दर्ज की जा रही है। साइबर अपराधी फर्जी SMS/WhatsApp लिंक के जरिये लोगों को चूना लगा रहे हैं। पुलिस ने सावधानी टिप्स और सुरक्षित तरीका बताया है जानें कैसे पहचानें असली और नकली E-Challan नोटिस और खुद को साइबर फ्रॉड से बचाएं।

Himani GuptaDec 22, 2025 05:31 pm IST
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Fake RTO e-challan Scam

देशभर में Fake RTO/E-Challan Scam (फर्जी चालान स्कैम) में अचानक भारी बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिसे लेकर साइबर पुलिस और ट्रैफिक अधिकारियों ने आम जनता को चेतावनी जारी की है। इन धोखाधड़ी वाले संदेशों में लोगों को उनके वाहनों पर चालान जारी होने के बारे में टेक्स्ट या WhatsApp संदेश भेजा जाता है, जिसमें एक लिंक होता है और उसमें क्लिक करने को कहा जाता है। लेकिन असलियत में यह लिंक नकली होता है और उस पर क्लिक करने से फोन या डेटा जोखिम में पड़ जाता है।

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ऐसे किया जाता फ्रॉड

आधिकारिक स्रोतों की रिपोर्ट के मुताबिक, इन फर्जी संदेशों में रजिस्ट्रेशन नंबर, चालान राशि तक दिखाकर लोगों को डराया-धमकाया जाता है, जिससे वे गलती से लिंक पर क्लिक कर देते हैं। ऐसा करने पर फोन में मालवेयर इंस्टॉल हो सकता है, जिससे साइबर अपराधी आपके बैंक खाते, व्यक्तिगत जानकारी और मोबाइल डेटा तक एक्सेस पा सकते हैं।

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ऐसे करें e-challan पोर्टल पर चेक

पुलिस ने साफ जोर देकर कहा है कि सरकार या ट्रैफिक विभाग किसी भी व्यक्ति को APK डाउनलोड करने या SMS/WhatsApp लिंक से चालान भुगतान करने नहीं भेजता। अगर आपको चालान की शंका है तो आप आधिकारिक e-challan पोर्टल पर खुद जाकर अपनी स्थिति चेक कर सकते हैं। इस बढ़ते फर्जी चालान फ्रॉड के सिलसिले में हम आगे विस्तार से बताएंगे कि यह स्कैम कैसे काम करता है, इसके जोखिम क्या हैं और इससे बचने के ठोस उपाय।

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Fake E-Challan Scam कैसे हो रहा है?

भारत में साइबर ठग फर्जी e-challan SMS या WhatsApp संदेश भेज रहे हैं, जिसमें यह दावा किया जाता है कि किसी वाहन के खिलाफ ट्रैफिक उल्लंघन के कारण चालान जारी किया गया है और उसे तुरंत भुगतान की जरूरत है। इन संदेशों में अक्सर वाहन का नंबर, चालान राशि और लिंक शामिल होते हैं। लिंक देखने में आधिकारिक पोर्टल जैसा लगता है, लेकिन असल में यह फिशिंग साइट या मालवेयर ऐप होता है, जिसे डाउनलोड करने पर आपके फोन में खतरा फैल जाता है। कई मामलों में यह APK फाइल का नाम “RTO CHALLAN.apk” जैसा दिखता है, जो फोन को संक्रमित कर सकता है और डेटा एक्सट्रैक्ट कर सकता है।

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किसी लिंक पर क्लिक करना क्यों खतरनाक?

जब आप फर्जी लिंक पर क्लिक करते हैं: फोन पर मालवेयर इंस्टॉल हो सकता है। आपकी बैंक डिटेल्स, OTP, पासवर्ड और UPI ऐप्स तक एक्सेस मिल सकता है। साइबर अपराधी आपके खाते से पैसे निकाल सकते हैं। आपके व्यक्तिगत डेटा का दुरुपयोग हो सकता है। कई मामलों में, लोग अपना फोन सुरक्षित समझ बैठे थे लेकिन APK क्लिक करते ही उसका पूरा सिस्टम क्रैश या एक्सेस खो देता है।

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फर्जी और असली में कैसे फर्क करें?

असली E-Challan: सरकारी वेबसाइट या Parivahan पोर्टल से चेक करें https://echallan.parivahan.gov.in/ आधिकारिक SMS में सरकारी ID और ट्रांसडर कोड दिखाई देंगे। फर्जी E-Challan: लिंक ऐसे दिखते हैं जैसे https://echallan.parivahan.in (notice “.gov.in” missing) Sender ID सामान्य मोबाइल नंबर होता है।

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बचाव के आसान तरीके

1. कभी भी अनचाहे लिंक पर क्लिक न करें. 2. किसी भी लिंक से APK या ऐप डाउनलोड न करें. 3. अपना challan सिर्फ़ आधिकारिक पोर्टल पर चेक करें. 4. संदिग्ध संदेशों को तुरंत ब्लॉक और रिपोर्ट करें।

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पुलिस की चेतावनी और एडवाइजरी

हाल ही में दिल्ली पुलिस और साइबर सेल ने स्पष्ट किया है कि चालान SMS में कभी भी APK के माध्यम से लिंक नहीं भेजे जाते। वास्तविक चालान नोटिस सामान्य SMS के रूप में आते हैं और उन पर सुरक्षित सरकारी पोर्टल से ही जांच की जा सकती है। साइबर पुलिस ने कहा है कि अगर किसी ने क्लिक कर दिया है और समस्या हो रही है, तो तुरंत नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (1930) पर शिकायत दर्ज करें।

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क्या करें अगर आप शिकार हो गए?

अगर आपको लगता है कि आप scam का शिकार हो चुके हैं तो तुरंत: ✔ बैंक को ब्लॉक करें / UPI एप्स डिएक्टिवेट करें, ✔ पासवर्ड और OTP बदलें, ✔ 1930 पर शिकायत दर्ज करें, ✔ नज़दीकी साइबर सेल से संपर्क करें।