सावधान! नकली Smartphone Charger बन सकता फोन ब्लास्ट होने की वजह, ऐसे करें असली-नकली की पहचान

मोबाइल चार्जर असली है या नकली, इसे पहचानना बेहद जरूरी है। फेक चार्जर फोन के ओवरहीट होने, बैटरी खराब होने और यहां तक कि ब्लास्ट या आग लगने की वजह भी बन सकता है। जानें फेक चार्जर की पहचान करने के आसान तरीके:

Himani GuptaJun 12, 2026 04:44 pm IST
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How to Identify Fake Charger

फोन चाहे कितना भी महंगा क्यों न हो, अगर उसके साथ इस्तेमाल किया जाने वाला चार्जर सही नहीं है तो डिवाइस को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। बाजार में इन दिनों बड़ी संख्या में नकली या फेक चार्जर बिक रहे हैं, जो दिखने में बिल्कुल असली जैसे लगते हैं। कई बार लोग कम कीमत देखकर ऐसे चार्जर खरीद लेते हैं, लेकिन बाद में उन्हें बैटरी खराब होने, फोन गर्म होने या चार्जिंग स्पीड कम होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

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चार्जर की की असलियत जानना बेहद जरूरी

नकली चार्जर सिर्फ फोन की बैटरी को नुकसान नहीं पहुंचाते, बल्कि कई मामलों में आग लगने और शॉर्ट सर्किट जैसी घटनाओं का कारण भी बन सकते हैं। यही वजह है कि किसी भी चार्जर को खरीदने या इस्तेमाल करने से पहले उसकी असलियत जानना बेहद जरूरी है। अगर आप भी जानना चाहते हैं कि आपका चार्जर असली है या नकली, तो यहां बताए गए आसान तरीके आपकी मदद कर सकते हैं।

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1. पैकेजिंग देखकर करें पहचान

असली चार्जर की पैकेजिंग आमतौर पर साफ, मजबूत और अच्छी क्वालिटी की होती है। कंपनी का लोगो, मॉडल नंबर और अन्य जानकारी स्पष्ट रूप से लिखी होती है। वहीं नकली चार्जर की पैकिंग पर प्रिंटिंग की क्वालिटी खराब हो सकती है। कई बार स्पेलिंग की गलतियां भी देखने को मिलती हैं। इसलिए पैकेजिंग को ध्यान से चेक करना जरूरी है।

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2. फोन का ज्यादा गर्म होना भी चार्जर के नकली होने का संकेत

चार्जिंग के दौरान थोड़ा गर्म होना सामान्य बात है, लेकिन अगर फोन या चार्जर जरूरत से ज्यादा गर्म हो रहा है तो सावधान हो जाना चाहिए। खराब क्वालिटी वाले चार्जर में सुरक्षा सिस्टम कमजोर होता है, जिससे ओवरहीटिंग की समस्या बढ़ सकती है। चार्जर खरीदते समय BIS मार्क, ISI मार्क और अन्य सुरक्षा प्रमाणपत्र जरूर जांचें।

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3. चार्जर पर लिखी जानकारी जरूर पढ़ें

हर असली चार्जर पर इनपुट और आउटपुट रेटिंग, मॉडल नंबर, सर्टिफिकेशन मार्क और कंपनी की जानकारी दी जाती है। अगर चार्जर पर ये जानकारी गायब है या बहुत हल्के तरीके से छपी हुई है, तो यह नकली होने का संकेत हो सकता है।

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4. कंपनी की वेबसाइट से करें वेरिफाई

अगर आपको चार्जर की असलियत पर शक है, तो उसके मॉडल नंबर को कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर चेक करें। कई ब्रांड अपने ओरिजिनल एक्सेसरीज की जानकारी वेबसाइट पर उपलब्ध कराते हैं, जिससे असली और नकली प्रोडक्ट में अंतर करना आसान हो जाता है। अगर किसी महंगे ब्रांड का चार्जर बाजार में सामान्य कीमत से बहुत कम दाम पर मिल रहा है, तो सतर्क हो जाएं।

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5. चार्जिंग स्पीड पर रखें नजर

अगर आपका फोन फास्ट चार्जिंग सपोर्ट करता है लेकिन चार्जर बहुत धीरे चार्ज कर रहा है, तो यह चिंता का विषय हो सकता है। नकली चार्जर अक्सर कंपनी द्वारा बताए गए चार्जिंग आउटपुट को पूरा नहीं कर पाते। ऐसे में फोन को चार्ज होने में ज्यादा समय लगता है।

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