1/8मोबाइल नंबर सिर्फ बात करने का जरिया नहीं, बल्कि आपकी पहचान, बैंक OTP और रोज़मर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। लेकिन क्या आपने कभी चेक किया है कि आपके नाम पर कितने मोबाइल कनेक्शन्स (SIM कार्ड) रजिस्टर्ड हैं? नहीं.. तो अभी जरूर कर लें ये काम वरना फंस सकते हैं कई बड़ी मुसीबत में:

क्योंकि आजकल फ्रॉडस्टर गलत नीयत से, या दस्तावेज़ों के गलत इस्तेमाल से आपके नाम पर अनचाहा या फर्जी SIM जारी कर दिए जाते हैं। ऐसे SIM का इस्तेमाल अपराध, बैंक फ्रॉड या स्पैम कॉल के लिए हो सकता है और परेशानी की एक बड़ी वजह बन सकता है। सरकार ने इस समस्या को देखते हुए Sanchar Saathi / TAFCOP जैसा पोर्टल बनाया है, जहांआप मिनटों में चेक कर सकते हैं कि आपके नाम पर कौन-कौन से नंबर रजिस्टर्ड हैं।

Step 1: वेबसाइट खोलें: https://sancharsaathi.gov.in या https://tafcop.sancharsaathi.gov.in (दोनों में से उपलब्ध लिंक काम कर सकता है)। मोबाइल पर भी खोल सकते हैं। “Know your mobile connections” चुनें होमपेज पर “Know your mobile connections / TAFCOP” जैसा विकल्प खोजें और उस पर क्लिक करें।

10-अंकों का वह मोबाइल नंबर डालें जो वर्तमान में आपके पास है (OTP इसी पर आएगा)। ध्यान दें: यह वही नंबर होना चाहिए जो आप सत्यापित कर सकें। स्क्रीन पर दिखे कैप्चा को दर्ज करें और “Proceed”/“Submit” पर क्लिक करें।

आपके दिए नंबर पर OTP आएगा। OTP डालकर Verify करें यह यह सुनिश्चित करता है कि आप वही व्यक्ति हैं जो सत्यापित नंबर चला रहा है। वेरिफिकेशन के बाद स्क्रीन पर आपके नाम पर रजिस्टर्ड सभी मोबाइल कनेक्शन्स की लिस्ट दिखेगी नंबर, जारी करने की तारीख, सर्विस प्रोवाइडर (Airtel/Jio/Vodafone-Idea आदि) और स्तिथि (active/inactive) शामिल हो सकती है।

अगर लिस्ट में कोई ऐसा नंबर दिखे जिसे आपने नहीं लिया है “Not my number” या “Report/Block” बटन दबाएँ। यह एक आवेदन जनरेट करेगा जिसे संबंधित टेलिकॉम ऑपरेटर को भेजा जाएगा। रिपोर्ट करने के बाद SMS/ईमेल के माध्यम से रिफरेंस नंबर मिलेगा। अपने रिकॉर्ड में यह रिफरेंस रखें। यदि ज़रूरी हो तो संबंधित ऑपरेटर या पुलिस में FIR दर्ज करवाएँ।

तुरंत “Report / Deactivate” करें (Sanchar Saathi के ऑप्शन से)। अपने नज़दीकी टेलिकॉम ऑपरेटर के कस्टमर केयर पर संपर्क करें और आधिकारिक शिकायत दर्ज करवाएं। अगर आपको शक है कि आपकी पहचान का दुरुपयोग हुआ है, तो नजदीकी पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराएं।

सरकार ने SIM कार्ड से जुड़ी धोकाधड़ी और पहचान-चोरी को गंभीर अपराध माना है। नियमों के मुताबिक संबंधित व्यक्ति पर ₹50,000 से ₹2,00,000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है और गंभीर परिस्थितियों में 3 साल तक की जेल (IT Act 66D – cheating by impersonation) भी हो सकती है।
