1/8आज आधार कार्ड सिर्फ पहचान नहीं, बल्कि आपके बैंक अकाउंट, मोबाइल नंबर, UPI और सरकारी योजनाओं से सीधा जुड़ा हुआ है। ऐसे में अगर आधार से जुड़ी कोई एक भी जानकारी गलत हाथों में चली जाए, तो नुकसान भारी पड़ सकता है। जानें 5 सबसे प्रभावी और सरल उपाय बताएंगे जिनसे आप अपने आधार और उससे जुड़ी जानकारी को ऑनलाइन स्कैम, डिजिटल फ्रॉड और पहचान चोरी से बचा सकते हैं।

स्कैमर्स अब खुद को बैंक अधिकारी, UIDAI कर्मचारी या सरकारी एजेंसी बताकर लोगों को डराते हैं कि “आपका आधार बंद हो जाएगा” या “KYC अपडेट जरूरी है”। घबराहट में लोग अपनी जानकारी शेयर कर देते हैं और यहीं से ठगी शुरू हो जाती है। खास बात यह है कि ऐसे फ्रॉड का शिकार आम लोग ही नहीं, बल्कि पढ़े-लिखे और अनुभवी यूजर्स भी हो रहे हैं।

स्कैमर्स का सबसे आम हथकंडा है OTP मांगना। वे खुद को बैंक अधिकारी, सरकारी कर्मचारी या UIDAI से संबंधित बताकर आपको OTP भेजने को कहते हैं। लेकिन UIDAI, बैंक या कोई सरकारी एजेंसी कभी भी फोन/मैसेज पर OTP नहीं मांगती। अगर आपने ऐसा OTP कहीं दे दिया, तो फर्जी व्यक्ति आपके Aadhaar से जुड़े बैंक खाते या सेवाओं तक पहुंच सकता है। OTP को कभी किसी के साथ साझा न करें। आधिकारिक पोर्टल या ऐप पर ही OTP दर्ज करें।

जब भी आपको अपना आधार वेरिफाई करना हो या किसी सर्विस को देना हो, Masked Aadhaar का विकल्प चुनें। इसमें आपका पूरा 12-अंकों वाला आधार नंबर नहीं दिखता; केवल कुछ आख़िरी अंक ही दिखाई देते हैं। इससे अगर वही डॉक्युमेंट खो भी जाए या गलत हाथों में पहुंच जाए तो आपका पूरा आधार नंबर सुरक्षित रहता है।

UIDAI ने यह सुविधा दी है कि आप Aadhaar Number को Lock/Unlock कर सकते हैं। इसका मतलब है कि आपका आधार बिना आपके अनुमति के Authenticate नहीं हो सकता। अगर आप Aadhaar Lock ऑन कर देते हैं, तो कोई भी सेवा (जैसे AePS भुगतान या KYC) बिना अनलॉक किए Aadhaar का इस्तेमाल नहीं कर सकती जिससे Fraud की संभावना बहुत कम हो जाती है।

आधार में फिंगरप्रिंट और आईरिस जैसी Biometric डेटा होती है और यही वह डेटा है जो बहुत संवेदनशील होता है। अगर कोई इसे चोरी कर लेता है, तो वह आपके एईपीएस आधारित बैंक लेन-देन या KYC के लिए इसका दुरुपयोग कर सकता है। इसलिए Biometric Lock ON रखना एक अत्यंत आवश्यक सुरक्षित कदम है।

सोशल मीडिया पर Aadhaar की फोटो अपलोड करना, किसी को WhatsApp/ई-मेल पर भेज देना, या दूसरों के साथ साझा करना यह आदत अत्यंत जोखिम भरी है। कारीगर, ड्राइवर, किराने की दुकान पर फोटो देने से भी पहले Masked Aadhaar का विकल्प चुनें।

भारत में डिजिटल पहचान और वित्तीय सेवाओं का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है और इसी वजह से डेटा चोरी, पहचान छेड़छाड़ और साइबर फ्रॉड के मामले भी बढ़ रहे हैं। अगर आपका Aadhaar गलत हाथों में पड़ जाता है तो आपके बैंक खाते, पेटीएम/UPI अकाउंट, पैन, टैक्स रिकॉर्ड लगभग हर जगह जोखिम में पड़ सकता है। ऐसे मामलों की रिपोर्ट भी सामने आते रहते हैं जहाँ बुज़ुर्गों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी हुई है।
