
नया फोन खरीदने के बाद पुराने डिवाइस अक्सर ड्रॉअर में पड़े रहते हैं या फिर धीरे-धीरे खराब हो जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही पुराना फोन आपके घर, दुकान या ऑफिस की सुरक्षा का जिम्मा संभाल सकता है। इसके लिए किसी तकनीकी जानकारी की जरूरत नहीं है। सिर्फ कुछ आसान सेटिंग्स और एक ऐप की मदद से आपका पुराना फोन लाइव निगरानी करने वाला कैमरा बन सकता है। आइए जानते हैं पुराने स्मार्टफोन को सिक्योरिटी कैमरे में बदलने का पूरा तरीका।

2/10सिक्योरिटी कैमरा बनाने से पहले पुराने फोन को पूरी तरह साफ कर लें। अनावश्यक ऐप्स हटा दें या फिर फैक्ट्री रीसेट करें। इसके बाद फोन को वाई-फाई से कनेक्ट करें और चेक करें की उसका कैमरा और माइक्रोफोन ठीक से काम कर रहे हैं।

3/10पुराने स्मार्टफोन को कैमरा बनाने के लिए आपको एक सिक्योरिटी कैमरा ऐप की जरूरत होगी। बाजार में Alfred Camera, AtHome Camera, Manything और DroidCam जैसी कई ऐप उपलब्ध हैं। इनमें से कई ऐप फ्री में बेसिक सुविधाएं देती हैं। ऐप इंस्टॉल करने के बाद आपको पुराने फोन को कैमरा डिवाइस और अपने यूज होने वाले फोन को व्यूअर डिवाइस के रूप में सेट करना होगा।

4/10सिक्योरिटी कैमरा ऐप इंस्टॉल करने के बाद दोनों डिवाइसेज पर एक ही अकाउंट से लॉगिन करें। इसके बाद पुराना फोन कैमरे की तरह काम करेगा और नया फोन लाइव वीडियो देखने के लिए इस्तेमाल होगा। यह प्रोसेस पूरी होने के बाद आप दुनिया में कहीं से भी कैमरे की लाइव फीड देख सकते हैं।

5/10सिर्फ फोन को कैमरा बना देना काफी नहीं है। उसे सही जगह पर लगाना भी जरूरी है। फोन को ऐसी जगह रखें जहां से पूरा एरिया आसानी से दिखाई दे। मुख्य दरवाजा, ड्राइंग रूम, पार्किंग या बालकनी इसके लिए अच्छे ऑप्शन हो सकते हैं। अगर फोन को ऊंचाई पर रखा जाए तो ज्यादा बड़ा क्षेत्र कवर किया जा सकता है।

6/10सिक्योरिटी कैमरे के रूप में इस्तेमाल होने वाला फोन लंबे समय तक चालू रहेगा। इसलिए उसे चार्जर से जोड़कर रखना बेहतर रहेगा। लगातार रिकॉर्डिंग और इंटरनेट इस्तेमाल करने से बैटरी जल्दी खत्म हो सकती है। ऐसे में स्थायी पावर सप्लाई जरूरी है।

7/10ज्यादातर सिक्योरिटी कैमरा ऐप्स Motion Detection फीचर देती हैं। इस फीचर को ऑन करने पर कैमरा तभी रिकॉर्डिंग शुरू करता है जब उसके सामने कोई गतिविधि होती है। इससे स्टोरेज की बचत होती है और महत्वपूर्ण घटनाओं को आसानी से रिकॉर्ड किया जा सकता है।

8/10पुराना स्मार्टफोन सिर्फ वीडियो रिकॉर्ड नहीं करेगा बल्कि आसपास की आवाज भी रिकॉर्ड कर सकता है। कुछ ऐप्स में टू-वे ऑडियो फीचर भी मिलता है। इसकी मदद से आप दूसरे व्यक्ति से बात भी कर सकते हैं। यह फीचर बच्चों की निगरानी या घर के स्टाफ से बातचीत के लिए उपयोगी हो सकता है।

9/10अगर आप लगातार रिकॉर्डिंग करना चाहते हैं तो फोन में पर्याप्त स्टोरेज होना जरूरी है। कुछ ऐप्स क्लाउड स्टोरेज की सुविधा भी देती हैं। इसके जरिए रिकॉर्डिंग ऑनलाइन सेव हो जाती है। साथ ही स्टेबल इंटरनेट कनेक्शन होना भी जरूरी है ताकि लाइव वीडियो बिना रुकावट देखी जा सके।

10/10यह तरीका उन लोगों के लिए बेहद उपयोगी है जो अतिरिक्त CCTV खरीदने पर पैसा खर्च नहीं करना चाहते। छोटी दुकानों, घरों, किराए के कमरों, छात्रों और छोटे ऑफिसों के लिए पुराना स्मार्टफोन एक सस्ता और प्रभावी सिक्योरिटी समाधान बन सकता है।
