
आर माधवन लंबे वक्त से इंडस्ट्री का हिस्सा हैं, लेकिन एक्टिंग में आने से पहले आर माधवन को एक स्टूडेंट एक्सेंज प्रोग्राम के तहत कनाडा जाने का मौका मिला था।

2/7माधवन ने एक इंटरव्यू में अपने उन दिनों को याद करते हुए बताया था कि वो उस दौरान एक ऐसे परिवार के साथ रहे थे जो जीवन का गुजारा करने के लिए गाय को काटते थे।

3/72023 में इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस के यूट्यूब चैनल पर शेयर की गई एक बातचीत में आर माधवन कहते हैं- मुझे रोटरी की तरफ से एक्सेंज स्टूडेंट बनने का मौका मिला था। मैं उस प्रोग्राम के तहत कनाडा गया था। मैं स्टेटलर नाम की जगह पर गया, जो 'वाइल्ड वेस्ट' इलाका था।"

4/7आर माधवन आगे बताते हैं, "वो एक काउबॉय इलाका था। वहां, मैं काउबॉय के साथ रहा, मैं पूरी तरह से शाकाहारी हूं, लेकिन मैं ऐसे परिवारों के बीच रहा जो जीवन के गुजारे के लिए गायों की हत्या करते थे।" इस बारे में बात करते हुए आर माधवन ने इसे अपने लिए सबसे बड़ा अधर्म बताया।

5/7इस बातचीत के दौरान आर माधवन ने ये भी बताया कि वो बास्केटबॉल टीम का हिस्सा थे। वहां मैच के बाद बॉयज लॉकर रूम में जाना होता था, और आपको शावर लेना होता था। वहां सबको एक साथ शावर लेना होता था। उन्होंने बताया कि उन्हें शॉवर एरिया में जाने की घबराहट, गेम खेलने की घबराहट से ज्यादा होती थी।

6/7आर माधवन ने कहा था कि वो साउथ इंडियन परिवार से आते हैं जहां घर में भी कभी बिना कपड़ों के नहीं घूमा जाता था। इसलिए उनके लिए शावर रूम में जाना एक चुनौती जैसा था। उन्होंने कहा, "मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मैं वहां कैसे जा पाऊंगा, इसलिए मैंने सोचा कि भाड़ में जाए सब। मैं अपना अंडरवियर पहने ही रहूंगा और उसे नहीं उतारूंगा'।"

7/7अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए आर माधवन ने बताया था कि वो जब वो अपना अंडरवियर पहनकर गए तो वो हैरान रह गए क्योंकि लड़के उनकी तरफ ही देखने लगे थे। आर माधवन को वो भी अजीब लगा। फिर दो दिन तो आर माधवन ने भी वहां का नियम फॉलो किया, लेकिन तीसरे दिन उन्होंने कहा कि वो ऐसे सहज नहीं हो पाएंगे और फिर अगले दिन से वो अंडरवियर पहनकर जाने लगे।
