
40 से 60 के दशक तक इंडस्ट्री पर देव आनंद का राज था। आजादी के बाद के सालों में देव आनंद को लेकर बनी अधिकतर फिल्में ब्लॉकबस्टर साबित हुई। लेकिन एक्टर ने अपने करियर के उस मुकाम पर पहुंचने के बाद कई फिल्मों की ठोकर भी मार दी। उसी ठोकर से उस दौर का एक और सुपरस्टार इंडस्ट्री में आ गया। देव आनंद की ठुकराई फिल्मों ने 18 लगातार फ्लॉप देने वाले एक्टर को बना दिया सुपरस्टार।

2/10बात आमिर खान की ताऊ जी फिल्म मेकर नसीर हुसैन खान से जुड़ी है। वो उस समय कई फिल्मों की कहानी और स्क्रीनप्ले लिख चुके थे। देव आनंद जैसे एक्टर के लिए उन्होंने पेइंग गेस्ट, मुनीम जी लिखी थी।

3/10लंबे समय तक फिल्मों में लिखने के बाद नसीर हुसैन ने अपनी खुद की फिल्म डायरेक्ट करने के बारे में सोचा। लेकिन देव आनंद का स्वैग अलग था। उन्हें फिल्म की कहानी पसंद नहीं आई। उससे भी ज्यादा दिक्कत उन्हें फिल्म की लीड हीरोइन अमीता से थे। अमीता नई हीरोइन थी।

4/10ऐसे में किसी ने नसीर हुसैन को इस फिल्म के लिए अपनी फिल्म के लिए एक नए एक्टर को कास्ट करने के बारे में सलाह दी। नसीर ने उस समय 18 फ्लॉप देने वाले एक एक्टर को साइन कर लिया। हालांकि उन्हें उनका लुक पसंद नहीं आया। उस समय एक्टर के लंबे बाल और मूंछे थीं।

5/10एक्टर ने नसीर साहब की फिल्म का हिस्सा बनने के लिए अपनीन मूंछे कटवा ली। लंबे बाल छोटे करवा लिए। इसके बाद उन्हें उनकी पहली हिट फिल्म मिली जिसका नाम था तुमसा नहीं देखा। इस फिल्म के लिए देवा आनंद को रिप्लेस करने वाले एक्टर थे शम्मी कपूर।

6/10देव आनंद की ठुकराई ये फिल्म शम्मी कपूर के लिए खास साबित हुई और उनके करियर की रुकी गाड़ी चल पड़ी। इसी फिल्म से इंडस्ट्री में नए सुपरस्टार का जन्म हुआ।

7/10नसीर हुसैन ने शम्मी कपूर को लीड में लेकर अपनी दूसरी फिल्म दिल देके देखो बनाई। तीसरी फिल्म जब प्यार किसी से होता है के लिए देव आनंद को कास्ट किया। इसी दौरान नसीर हुसैन ने अपना प्रोडक्शन हाउस भी शुरू कर लिया था।

8/10इसी दौरान जब नसीर हुसैन ने अपनी अगली फिल्म तीसरी मंजिल के लिए देव आनंद को फिर से कास्ट करना चाहा तो बात नहीं बनी। ऐसा कहा जाता है कि इस फिल्म को देवानंद करने को तैयार थे। लेकिन एक पार्टी में उनकी और नसीर हुसैन की बहस हुई।

9/10इस बहस के बाद देव आनंद ने नसीर की फिल्म तीसरी मंजिल छोड़ दी। इसके बाद एक बार फिर शम्मी कपूर उनकी पसंद बने। शम्मी कपूर की तीसरी मंजिल की सफलता ने उन्हें स्टार बना दिया था।

10/10ऐसा ही कुछ सुबोध मुखर्जी की डायरेक्टोरियल फिल्म जंगली के साथ हुआ था। इस फिल्म को लाउड कहकर देव आनंद ने रिजेक्ट कर दिया था। बाद में शम्मी कपूर फिल्म के हीरो बने। देव आनंद के ठुकराए रोल के की वजह से वो फिल्में शम्मी कपूर को मिली और वो सुपरस्टार बन गए।
