
साल 1988 हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के लिए बेहद खास था। इस साल आमिर खान ने डेब्यू किया था, गोविंदा, माधुरी दीक्षित जैसे नए सितारे चमक रहे थे। इसी साल अमिताभ बच्चन की सबसे सफल फिल्मों में से एक शहंशाह भी रिलीज हुई थी।

2/9अमिताभ बच्चन का जादू 70 के दशक से अब तक चल रहा था। एक्टर कई ब्लॉकबस्टर फिल्में दे चुके थे। इसी साल उनकी फिल्म शहंशाह भी आई जिसने कमाल कर दिया।

3/9टीनू आनंद के डायरेक्शन में बनी शहंशाह में अमिताभ बच्चन को दोहरी भूमिकाओं में दिखाया गया था। एक जो इंस्पेक्टर है और दूसरा जो शहंशाह।

4/9इस फिल्म में मीनाक्षी शेषाद्री उनकी हीरोइन के किरदार में थीं। एक्टर प्राण, अरुणा ईरानी, प्रेम चोपड़ा, अमरीश पुरी, कादर खान जैसे एक्टर्स भी नजर आए थे।

5/9फिल्म के बजट की बात करें तो प्रोड्यूसर ने उस समय शहंशाह जैसी फिल्म बनाने के लिए सिर्फ डेढ़ करोड़ खर्च किए थे। लेकिन फिल्म ने जो कमाई की उससे प्रोड्यूसर्स भी बहुत खुश हुए थे।

6/9सिर्फ डेढ़ करोड़ के कम बजट में बनी शहंशाह ने 12 करोड़ की कमाई की थी जो आज के समय में बहुत ज्यादा है। ये फिल्म सफल हुई और डायलॉग 'रिश्ते में तो हम तुम्हारे बाप लगते हैं, नाम है शहंशाह खूब मशहूर हुए।

7/9शहंशाह ने जिस तरह से कमाई की थी उससे तो लग रहा था कि ये फिल्म 1988 की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर है। लेकिन साल नवंबर में आई अनिल कपूर और माधुरी दीक्षित की तेज़ाब ने धमाका कर दिया। ये वो बदलता समय था जब ऑडियंस को इस तरह का नया कंटेंट पसंद आ रहा था।

8/9अनिल कपूर और माधुरी दीक्षित की तेजाब का बजट भी डेढ़ करोड़ था। इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 16 करोड़ की कमाई की। फिल्म के गाने, डायलॉग और एक्टर्स की परफॉरमेंस को पसंद किया गया था।

9/9अनिल कपूर की तेजाब 1988 की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्म बनी। दूसरे नंबर पर रही अमिताभ बच्चन की शहंशाह, तीसरे नंबर पर आमिर खान की डेब्यू फिल्म क़यामत से क़यामत तक। गोविंदा की हत्या, माधुरी और विनोद खन्ना की दयावान भी टॉप 10 में शामिल थी।
