
लीजेंड सरवनन को पिछली फिल्म द लीजेंड में काम किया था। लेकिन ऑडियंस को सिर्फ निराशा ही मिली। लेकिन अब सरवानन की फिल्म लीडर की तारीफ हो रही है। ऑडियंस ने ऐसी कहानी और परफॉरमेंस की उम्मीद नहीं की थी। IMDb पर इस फिल्म को 6.4 की रेटिंग मिली हुई है।

2/7फिल्म की कहानी शक्तिवेल नाम के एक कार मैकेनिक की है जिसका किरदार सरवानन ने निभाया है। शक्तिवेल अपने मकान मालिक के गैरेज में काम करता है जिसका सबसे बड़ा क्लाइंट साल्ट राजू है जो एक स्मगलर है। और गैरकानूनी काम करता है। वो पोर्ट्स से अपने काम को जारी रखता है।

3/7फिल्म सवा दो घंटे लंबी है। इसके अंदर जबरदस्त एक्शन दिखाया गया है। राजू नाम का स्मगलर अक्सर अपनी कार ठीक करवाने के लिए शक्तिवेल के गैराज में आता है। लेकिन इस केस की जांच कर रहा पुलिस ऑफिस शक्तिवेल का ही इस्तेमाल कर उसे गैंग तक पहुंचने की कोशिश करता है।

4/7यहां शक्तिवेल और उनकी बेटी अंडरवर्ल्ड की दुनिया में फंस जाती है। अब शक्तिवेल अपनी बेटी के लिए कुछ भी करने के लिए तैयार हो जाता है। और यहीं उसका अतीत सामने आता है। बेटी के लिए वो अपने पुराने रूम में वापस आ जाता है।

5/7फिल्म की कहानी नई नहीं है। लेकिन स्क्रीनप्ले और फाइट सीक्वेंस शानदार लगते हैं। फिल्म की आगे की कहानी एक पिता और उसकी बेटी को बचाने की कोशिश करते हुए देख सकते हैं।

6/7कहानी में आगे शक्तिवेल के अतीत को दिखाया जाता है। पुलिस ऑफिसर इंदिरा को पता चलता है कि शक्तिवेल ही पोनमारन है जो एक समय पर इंडियन कॉवेर्ट ऑपरेशन का लीडर था। ऑपरेशन के दौरान उसकी मुलाकात मीरा से हुई थी। दोनों में प्यार हुआ और फिर बेटी आइरीन का जन्म।

7/7अतीत में पोनमारन पर आरोप लगा कि उनसे स्टूडेंट को भागने में मदद की है और इस वजह से उसे 6 साल की जेल सजा हो जाती है। अब शक्तिवेल यानी पोनमारन राजू का नेटवर्क खत्म करना चाहता है। कहानी जितनी सिंपल लग रही है उतनी है नहीं। कई मजेदार सीन और जबरदस्त एक्शन इस फिल्म में देखने को मिलेगा।
