नवाजुद्दीन सिद्दीकी की इन 8 फिल्मों को देख फटी रह गई थीं विदेशियों की आंखें, कान में मचाया था तहलका

Nawazuddin Siddiqui Birthday: नवाजुद्दीन सिद्दीकी की कुछ ऐसी फिल्में भी हैं जिन्हें देखकर विदेशी दर्शकों की आंखें फटी की फटी रह गई थीं और उन्होंने सिनेमा हॉल में खड़े होकर तालियां बजाई थीं। आइए आपको आज उन्हीं फिल्मों के बारे में बताते हैं।

Vartika TolaniMay 19, 2026 09:56 am IST
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नवाजुद्दीन सिद्दीकी और कान

किसी भी एक्टर के लिए पूरे करियर में एक बार भी 'कान फिल्म फेस्टिवल' के रेड कार्पेट पर चलना या अपनी फिल्म वहां स्क्रीन कराना एक सपने जैसा होता है। लेकिन नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने एक या दो बार नहीं, बल्कि पूरे 8 बार यह कारनामा करके दिखाया है। यह भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक ऐसा रिकॉर्ड है, जिसे तोड़ पाना किसी भी अभिनेता के लिए बेहद मुश्किल है। आइए आपको उनकी इन आठ फिल्मों के बारे में बताते हैं।

2/10

गैंग्स ऑफ वासेपुर (Gangs of Wasseypur - 2012)

अनुराग कश्यप की इस कल्ट फिल्म ने भारतीय सिनेमा का चेहरा हमेशा के लिए बदल दिया। 'फैसल खान' के किरदार में नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने जो अभिनय किया, उसने उन्हें रातों-रात सुपरस्टार बना दिया। इस फिल्म की धमक फ्रांस तक पहुंची और इसे कान के बेहद प्रतिष्ठित 'डायरेक्टर्स फोर्टनाइट' (Directors' Fortnight) सेक्शन में चुना गया, जहां विदेशी दर्शकों ने भी फैसल खान के स्वैग पर खूब तालियां बजाईं। इस ब्लॉकबस्टर फिल्म की IMDb रेटिंग 8.2/10 है और आप इस मास्टरपीस को अमेजन प्राइम वीडियो पर देख सकते हैं।

3/10

मिस लवली (Miss Lovely - 2012)

साल 2012 नवाजुद्दीन के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं था। 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' के साथ ही उनकी फिल्म 'मिस लवली' को भी कान फिल्म फेस्टिवल के सबसे बड़े सेक्शन्स में से एक 'अन सर्न रिगार्ड' (Un Certain Regard) के लिए ऑफिशियल तौर पर चुना गया था। ये फिल्म 1980 के दशक के मुंबई के सी-ग्रेड और हॉरर सिनेमा उद्योग की कड़वी सच्चाई को दिखाती है, जिसमें नवाज ने एक फिल्ममेकर का बेहद संजीदा किरदार निभाया था। इस अनूठी फिल्म की IMDb रेटिंग 7.3/10 है और आप इसे अमेजन प्राइम वीडियो पर देख सकते हैं।

4/10

पतंग (Patang - 2012)

अहमदाबाद के मशहूर पतंग महोत्सव (उत्तरायण) पर बनी इस फिल्म ने भी नवाजुद्दीन को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाई। फिल्म में पुरानी दिल्ली से आए एक अमीर भाई के चचेरे भाई 'चक्कू' के रूप में नवाज का देसी, थोड़ा चालाक और थोड़ा चुलबुला अंदाज बेहद सजीव था। इस फिल्म को कान के 'फोरम' (Forum) सेक्शन में शामिल कर खूब सराहना मिली थी। इस खूबसूरत फिल्म की IMDb रेटिंग 6.1/10 है और इसे आप एमएक्स प्लेयर या यूट्यूब पर मुफ्त में देख सकते हैं।

5/10

द लंचबॉक्स (The Lunchbox - 2013)

रितेश बत्रा के निर्देशन में बनी ये फिल्म बहुत खूबसूरत है। इस फिल्म में इरफान खान जैसे दिग्गज एक्टर के साथ नवाजुद्दीन ने स्क्रीन शेयर की थी। उन्होंने 'शेख' नाम के एक खुशमिजाज और सीधे-साधे आदमी का किरदार निभाया था। इस फिल्म को कान के 'इंटरनेशनल क्रिटिक्स वीक' (International Critics' Week) सेक्शन में दिखाया गया था, जहां इसे स्टैंडिंग ओवेशन मिली थी। इस फिल्म की IMDb रेटिंग 7.8/10 है और ये सोनीलिव पर स्ट्रीम कर रही है।

6/10

बॉम्बे टॉकीज (Bombay Talkies - 2013)

भारतीय सिनेमा के 100 साल पूरे होने के जश्न के रूप में बनी इस एंथोलॉजी फिल्म में चार अलग-अलग कहानियां थीं। दिबाकर बनर्जी वाले हिस्से में नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने एक ऐसे फ्लॉप एक्टर की भूमिका निभाई थी, जिसे अचानक बहुत बड़ा मौका मिल जाता है। नवाज के इस रुला देने वाले अभिनय को कान के 'स्पेशल स्क्रीनिंग्स' (Special Screenings) सेक्शन में जगह मिली थी, जिसने अंतरराष्ट्रीय क्रिटिक्स को हैरान कर दिया था। इस बेहतरीन फिल्म की IMDb रेटिंग 6.6/10 है और इसे अमेजन प्राइम वीडियो पर देखा जा सकता है।

7/10

मानसून शूटआउट (Monsoon Shootout - 2013)

साल 2013 में नवाज की एक और फिल्म ने कान फिल्म फेस्टिवल में अपनी जगह बनाई थी। यह एक डार्क क्राइम थ्रिलर फिल्म है जो एक पुलिस वाले के सामने सही और गलत के फैसले के कशमकश को दिखाती है। फिल्म में नवाजुद्दीन ने 'शिवा' नाम के एक खूंखार कुल्हाड़ीबाज हत्यारे का रोल किया था, और उनका वह डरावना लुक दर्शकों के रोंगटे खड़े करने के लिए काफी था। इसे कान के 'मिडनाइट स्क्रीनिंग्स' (Midnight Screenings) सेक्शन में आधी रात को दिखाया गया था, जहां इसके सस्पेंस ने सबका दिल जीता। इस फिल्म की IMDb रेटिंग 6.7/10 है और यह जियोहॉटस्टार पर देखी जा सकती है।

8/10

रमन राघव 2.0 (Raman Raghav 2.0 - 2016)

जब बात किसी साइको किलर का किरदार निभाने की आती है, तो नवाजुद्दीन जैसा कोई नहीं है। 1960 के दशक के मुंबई के कुख्यात सीरियल किलर रमन पर बनी इस फिल्म में नवाज ने साइकोपैथ 'रमन' के किरदार को इस हद तक जिया कि पर्दे पर उन्हें देखकर डर लगने लगता था। जब इस फिल्म को कान के 'डायरेक्टर्स फोर्टनाइट' (Directors' Fortnight) सेक्शन में स्क्रीन किया गया, तो वहां मौजूद विदेशी दर्शक भी नवाज की एक्टिंग देखकर दंग रह गए थे। इस कल्ट साइकोलॉजिकल थ्रिलर की IMDb रेटिंग 7.3/10 है। आप इसे जी5 या यूट्यूब पर देख सकते हैं।

9/10

मंटो (Manto - 2018)

मशहूर लेखिका और डायरेक्टर नंदिता दास की इस फिल्म में नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने भारत-पाकिस्तान विभाजन के दौर के सबसे बेबाक और विवादित लेखक सआदत हसन मंटो का किरदार निभाया था। मंटो के सजीले, गंभीर और बागी अंदाज को नवाज ने इतनी शिद्दत से पर्दे पर उतारा कि ऐसा लगा मानो मंटो खुद जिंदा हो गए हों। इस फिल्म को कान के बेहद प्रतिष्ठित 'अन सर्न रिगार्ड' (Un Certain Regard) सेक्शन में आधिकारिक रूप से चुना गया था, और जब नवाज इसके लिए रेड कार्पेट पर उतरे तो उन्होंने खूब सुर्खियां बटोरीं। इस शानदार बायोग्राफी की IMDb रेटिंग 7.3/10 है और इसे आप Netflix पर देख सकते हैं।

10/10

फर्श से अर्श तक का सफर

जूनियर आर्टिस्ट और छोटे-मोटे रोल्स से अपने करियर की शुरुआत करने वाले नवाजुद्दीन सिद्दीकी का कान फिल्म फेस्टिवल के रेड कार्पेट पर सूट-बूट में गर्व से चलना हर उस भारतीय के लिए गर्व की बात है जो सिनेमा से प्यार करता है। उन्होंने साबित कर दिया कि अगर आपके पास सच्चा हुनर और अटूट लगन है, तो दुनिया का कोई भी मंच आपसे दूर नहीं है। कान फिल्म फेस्टिवल में भारत का परचम लहराने वाले इस महान कलाकार का आज जन्मदिन है।

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