
बॉलीवुड की दिग्गज अदाकारा मधुबाला ने सालों तक दर्शकों के दिलों पर राज किया। आज भी मधुबाला की खूबसूरती को कोई दूसरी एक्ट्रेस टक्कर नहीं दे पाई है। मधुबाला 50-60 के दशक की हिंदी सिनेमा की सबसे खूबसूरत एक्ट्रेस रही हैं।

2/914 फरवरी 1933 को जन्मी मधुबाला का असली नाम मुमताज जहां देहलवी था। मधुबाला ने बतौर बाल कलाकार अपने करियर की शुरुआत की और फिल्म इंडस्ट्री में छा गईं।

3/9मधुबाला की जिंदगी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं थी। रोमांस से लेकर मौत के लिए जंग लड़ने तक मधुबाला के जीवन में सब कुछ देखने को मिला।

4/9मधुबाला ने दिलीप कुमार से बेइंतहा मोहब्बत की, लेकिन उनका ये प्यार अधूरा रह गया। दिलीप कुमार संग उनकी लवस्टोरी का इतना बुरा अंत होगा ये किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था।

5/9मधुबाला और दिलीप कुमार की आखिरी फिल्म 'मुगल-ए-आजम' थी। इस फिल्म की शूटिंग के दौरान दोनों का ब्रेकअप हो चुका था। दिलीप कुमार सेट पर आते और शूटिंग खत्म करके बिना मधुबाला से बात किए चले जाते थे।

6/9दिलीप कुमार की ये बेरुखी मधुबाला के अंदर ही अंदर और तोड़ रही थी। वो 'मुगल-ए-आजम' की शूटिंग के दौरान पल-पल मर रही थीं। उनकी हार्ट की हालत इतनी ज्यादा खराब थी कि खांसते-खांसते उनके मुंह से खून निकलता था, लेकिन वो किसी भी सीन के लिए मना नहीं करती थीं।

7/9फिल्म का एक सीन जिसमें मधुबाला को भारी जंजीरों से बांधा गया था, उसके करने के लिए डॉक्टर्स ने उन्हें साफ चेतावनी दी थी कि इन जंजीरों की वजह से और स्टूडियो लाइट्स की गर्माहट की वजह से उनकी हालत खराब हो सकती है। लेकिन उन्होंने इसके बावजूद इस सीन को किया।

8/9मधुबाला को जिस समय सबसे ज्यादा दिलीप कुमार के सहारे की जरूरत थी वो ही उनसे दूर थे। वो सेट पर आते और काम करके चले जाते। इसे बाद जब ये फिल्म मराठा मंदिर में प्रिमियर हुई तो मानों ये एक रॉयल इवेंट था।

9/9हाथी पर फिल्म का प्रिंट लाया गया। वहीं, वो एक्ट्रेस जिसने अनारकली का किरदार निभया वो अस्पताल में बीमार पड़ी थी। इसी की वजह से वो प्रीमियर पर भी नहीं जा सकी। इसी के साथ 'मुगल-ए-आजम' दिलीप कुमार और मधुबाला की ये आखिरी फिल्म रही।
