
सलीम खान और जावेद अख्तर ने करीब 12 साल की पार्टनरशिप में शानदार फिल्में दी। सलीम खान डायलॉग पर काम करते और जावेद अख्तर कहानी और नरेशन पर। दोनों की जोड़ी ने डॉन, शोले, जंजीर जैसी शानदार फिल्में दीं। 70 का दशक तो जैसे इन्हीं के नाम था।

2/8लेकिन 12 साल की ये पार्टनरशिप 1982 में टूट गई। अलग होने का फैसला जावेद अख्तर ने लिया था। सलीम खान से अलग होते ही जावेद अख्तर ने 1983 में एक खास फिल्म की कहानी लिखी।

3/8ये वो दौर था जब जुबली कुमार एक्टर राजेंद्र के बेटे लव स्टोरी से अपना सफल डेब्यू कर चुके थे। अब प्रेशर धर्मेंद्र पर था। वो सनी देओल को लॉन्च करने के लिए एक अच्छी कहानी की तलाश में थे।

4/8इसी दौरान जावेद अख्तर ने एक फिल्म की कहानी लिखी थी जिसका नाम था बेताब। इस फिल्म से सनी देओल देओल अपना डेब्यू करने वाले थे और हीरोइन अमृता सिंह के लिए धर्मेंद्र दिल्ली तक गए थे।

5/8आखिरकार सनी देओल और अमृता सिंह बेताब नाम की इस लव स्टोरी के लिए फाइनल हो गए। डायरेक्शन की जिम्मेदारी संभाली राहुल रवैल ने। इन्होंने ही कुमार गौरव की लव स्टोरी भी बनाई थी। दोनों रोमांटिक फिल्मों को खूबसूरती से पेश किया।

6/8सनी देओल की बेताब को प्रोड्यूस किया बिक्रम सिंह देहल ने। इस फिल्म में सनी देओल और अमृता सिंह के अलावा शम्मी कावूर, निरूपा रॉय, प्रेम चोपड़ा और अनु कपूर जैसे एक्टर्स थे। फिल्म की कहानी ऑडियंस को पसंद आई।

7/8फिल्म की कहानी सफल होने का एक कारण इसके गाने भी थे। जावेद अख्तर की लिखी हुई इस फिल्म के लिए गाने आनंद बक्शी ने लिखे थे। फिल्म के गाने ‘जब हम जवां होंगे’, 'तेरी तस्वीर मिल गई', 'तुमने दी आवाज', 'अपने दिल से बड़ी दुश्मनी', 'बादल यूं गरजता है' थे। सभी हिट रहे।

8/8सलीम खान से अलग होने के बाद सनी देओल की बेताब उनकी पहली लिखी हुई फिल्म थी। ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल रही और इसके बाद जावेद अख्तर ने अकेले ही कई फिल्मों की कहानी लिखी।
