
बॉलीवुड सुपरस्टार आमिर खान ने हाल ही भारत में घटती थिएटर्स की संख्या पर चिंता जताई। जावेद अख्तर जैसे इंडस्ट्री के कई दिग्गज भी इससे पहले सिंगल स्क्रीन थिएटर्स की संख्या में लगातार हो रही कमी पर फिक्र जाहिर कर चुके हैं। जाहिर है मल्टीप्लेक्स तेजी से सिंगल स्क्रीन थिएटर्स को निकलते जा रहे हैं, लेकिन क्या आपको भारत में अभी भी मौजूद कुछ सबसे पुराने और सबसे आइकॉनिक सिंगल स्क्रीन थिएटर्स के बारे में पता है? चलिए आज इनके बारे में आपको बताते हैं।

2/8लिस्ट में पहला ही नाम है राजस्थान के जयपुर में मौजूद राज मंदिर का। साल 1976 में खुले इस थियेटर का आर्किटेक्चर किसी महल जैसा है। इसके अंदर लगे विशाल झूमर और दीवारों पर की गई नक्काशी इसे बेहद रॉयल लुक देती है। इस सिंगल स्क्रीन थिएटर का इंटीरियर काफी रॉयल है और इसे 'एशिया का गौरव' कहा जाता है।

3/8इसे भारत के सबसे मशहूर सिनेमा हॉल में गिना जाता है। इसका नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज है क्योंकि यहां शाहरुख खान की फिल्म 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' (DDLJ) पिछले 30 सालों से चल रही है। इस थिएटर में आज भी दोपहर के शो की टिकट बहुत सस्ती मिलती है।

4/8नई दिल्ली के कनॉट प्लेस (CP) में स्थित यह सिनेमा हॉल 1932 में बना था। यहां राज कपूर अपनी लगभग हर फिल्म का प्रीमियर करते थे। पंडित जवाहरलाल नेहरू से लेकर कई बड़े राजनेता यहां फिल्में देखने आते थे। यह दिल्ली का पहला सिंगल स्क्रीन थियेटर था।

5/8दिल्ली में ही मौजूद डिलाइट सिनेमा इसके विंटेज लुक और लग्जरी के लिए जाना जाता है। दिल्ली गेट के पास स्थित इस थिएटर का आर्ट और डेकोरेशन आज भी बरकरार है। यहां का साउंड सिस्टम और एम्बियंस किसी भी मॉडर्न मल्टीप्लेक्स को टक्कर देता है।

6/8मुगल-ए-आजम जैसी क्लासिक फिल्म यहां सालों तक चली थी। साल 1947 में भारत की आजादी वाले साल में ही इसे तैयार किया गया था। इसीलिए इसका नाम 'लिबर्टी' रखा गया। इसे भी भारत के कुछ चुनिंदा आइकॉनिक थिएटर्स में गिना जाता है।

7/8यह कोलकाता के सबसे पुराने और शानदार सिनेमा घरों में से एक है। कोलकाता का मेट्रो सिनेमा 1935 में मेट्रो गोल्डविन मेयर ने बनवाया गया था। इसकी खूबसूरत सीढ़ियां और पुराने जमाने का फर्नीचर आपको 1930 के दशक में ले जाता है।

8/8यह थिएटर आज भी अपनी पुरानी परंपरा और कम कीमतों के चलते फिल्म प्रेमियों की पसंद बना हुआ है। कम लोग जानते हैं कि बेंगलुरु के फ्रेजर टाउन में बना यह सिनेमाघर करीब 80 साल से भी ज्यादा पुराना है।
