
अमिताभ बच्चन की उम्र 83 साल हो चुकी है, और वह अभी भी वर्क फ्रंट पर सुपर एक्टिव हैं। बिग बी को बॉलीवुड का वो बरगद कहा जाता है, जिसके सामने भारतीय सिनेमा जगत बहुत बदल चुका है। आज अमिताभ की उम्र हो चुकी है, लेकिन एक वक्त पर वह काफी पावरफुल रोल किया करते थे। इसी वजह से उनके चाहने वालों ने उन्हें एंग्री यंग मैन नाम दिया था। आज की पीढ़ी शायद उस अमिताभ को नहीं जानती है, लेकिन रौबदार भारी आवाज में डायलॉग बोलने का वो अंदाज और अपने किरदार में उतर जाना अमिताभ को वो बनाता है, जिसकी वजह से दुनिया उन्हें महानायक कहती है।

2/8दरअसल अमिताभ बच्चन को एंग्री यंग मैन का टैग देने में जावेद अख्तर और सलीम खान की जोड़ी का बड़ा हाथ रहा। उस दौर में उन्होंने एक ऐसे हीरो की कल्पना की, जो सिस्टम के खिलाफ गुस्से से भरा हुआ है। आम पब्लिक सीधे तौर पर इस हीरो से खुद को कनेक्ट कर पाई। नई पीढ़ी को अगर यह समझना है कि अमिताभ बच्चन को क्यों एंग्री यंग मैन कहा जाता था। तो उन्हें ये 7 फिल्में जरूर देखनी चाहिए। और शुरुआत साल 1973 में आई मूवी 'जंजीर' के साथ करनी चाहिए। इस फिल्म के डायलॉग आज भी जोश से भर देते हैं।

3/8लिस्ट में दूसरे नंबर पर है साल 1975 में आई फिल्म 'दीवार'। एक मजदूर से स्मगलर बने शख्स का सिस्टम के खिलाफ गुस्सा इसमें साफ दिखता है। मंदिर में भगवान से बात करने वाला सीन एक्टिंग स्टूडेंट्स के लिए एक मास्टरक्लास है।

4/8कहानी एक नाजायज बेटे की है जो अपने अमीर पिता से उसकी बर्बादी का सौदा करने आता है। इस फिल्म का हीरो चीखता-चिल्लाता नहीं है, बल्कि शांत और गंभीर होने के बावजूद बहुत घातक है।

5/8अमिताभ बच्चन ने इस फिल्म में विजय पाल सिंह का यादगार किरदार निभाया था। कहानी एक ऐसे पूर्व नौसेना कैप्टन की है जो अतीत के डर से अंदर ही अंदर सुलग रहा है। फिल्म की पूरी कहानी एक कोयला खदान के बैकड्रॉप में लिखी गई है।

6/8अमिताभ बच्चन की आइकॉनिक फिल्मों की लिस्ट में यह भी एक नाम है। कहानी एक पिता के सिद्धांतों के खिलाफ बेटे के गुस्से की है। बाप-बेटे का यह टकराप इस फिल्म की जान है।

7/8यह समाज और अपनों द्वारा ठुकराए गए एक अनाथ लड़के की कहानी। इसमें अमिताभ थोड़े देसी, ठेठ और कड़क रेबेल के अवतार में नजर आते हैं। एक ऐसा शख्स जो अन्याय करने वालों को अपने ही अंदाज में सबक सिखाता है।

8/8लिस्ट में आखिरी नाम साल 1990 में आई फिल्म 'अग्निपथ' का है। इस फिल्म के लिए अमिताभ को उनका पहला नेशनल अवॉर्ड मिला था। बदली हुई भारी आवाज, आंखों में मौत का खौफ और पिता की मौत का बदला लेने का जुनून। यह फिल्म उनके एंग्री यंग मैन अवतार का सबसे दमदार उदाहरण मानी जाती है।
