
क्या आप जानते हैं दिलीप कुमार की उस फिल्म के बारे में जिसके एक डायलॉग की वजह से सीबीएफसी ने फिल्म पर रोक लगानी चाही थी, लेकिन पंडित जवाहरलाल नेहरू की दखल के बाद फिल्म को हरी झंडी मिल गई थी।

2/8हम जिस फिल्म की बात कर रहे हैं उसका नाम है गंगा जमुना। फिल्म साल 1961 में रिलीज हुई थी। इस फिल्म को दिलीप कुमार के करियर की बेस्ट फिल्मों में से एक माना जाता है।

3/8इस फिल्म से जुड़ा किस्सा तिग्मांशु धूलिया ने सुनाया। The Wire’s State of Media and Film Industry इवेंट में बोलते हुए तिग्मांशु ने फिल्म सेंसरशिप को लेकर बात की। तिग्मांशु के मुताबिक, फिल्म में दिलीप कुमार के किरदार को मरते हुए हे राम बोलना था। सीबीएफसी ने इस बात पर आपत्ति जताई थी।

4/8बातचीत के दौरान तिग्मांशु ने बताया, "सेंसर बोर्ड ने फिल्म को रोक दिया था और बहुत ही अजीब कारण दिया था। उन्होंने कहा था- तुम हे राम कैसे कह सकते हो, तुम मुस्लिम हो। वहीं, फिल्ममेकर्स का कहना था कि फिल्म में किरदार का नाम गंगा है। वो हिंदू है। वो हे राम बोल सकता है। लेकिन सेंसर बोर्ड नहीं माना।"

5/8तिग्मांशु ने आगे बताया कि ये मामला बाद में उस वक्त के प्रधानमंत्री जवहारलाल नेहरू के पास पहुंचा। उन्होंने ये फिल्म देखी और उन्हें इसमें कोई परेशानी नहीं लगी। पंडित नेहरू की दखल के बाद फिल्म को हरी झंडी मिली।

6/8बता दें, दिलीप कुमार का असली नाम मुहम्मद यूसुफ खान था। हालांकि, उन्होंने स्क्रीन के लिए अपना नाम दिलीप कुमार चुना। पूरी दुनिया मुहम्मद यूसुफ खान को दिलीप कुमार के नाम से ही जानती है।

7/8गंगा जमुना को नितिन बोस ने डायरेक्ट किया था। फिल्म में दिलीप कुमार के साथ वैजयंतीमाला, नसीर खान, नासिर हुसैन और हेलन जैसे कलाकार नजर आए थे।

8/8फिल्म की आईएमडीबी रेटिंग 7.4 है। इस फिल्म को आप यूट्यूब पर फ्री में देख सकते हैं। ये एक क्राइम थ्रिलर फिल्म थी। गंगा जमुना बॉक्स ऑफिस पर एक बड़ी हिट साबित हुई थी।
