1/7सर्वदमन बनर्जी ने कृष्ण का रोल इतनी खूबसूरती से निभाया कि रामानंद सागर भी उनमें भगवान की छवि देखने लगे थे। इंट्रेस्टिंग बात है कि वह श्रीकृष्णा में काम करने से पहले वह टीवी में काम नहीं करना चाहते थे। उन्होंने रामानंद सागर का ऑफर भी एकदम से स्वीकार नहीं किया था। एक घटना ने उनकी जिंदगी बदल दी।

सर्वदमन बनर्जी को 1993 में श्रीकृष्णा सीरियल में लीड रोल ऑफर हुआ। पहले वह यह रोल लेने में झिझक रहे थे। वह टीवी में काम नहीं करना चाहते थे फिल्में कर रहे थे। उन्होंने फिल्म में आदि शंकराचार्य का रोल किया था। जब रामानंद सागर ने उन्हें कृष्णा सीरियल ऑफर किया तो उनका मन नहीं था। सर्वदमन ने कुछ वक्त मांगा। इसके बाद एक ऐसी डिवाइन घटना घटी जिसके बाद सर्वदमन को लगा कि ईश्वर चाहते हैं कि वह कृष्ण का रोल करें।

सर्वदमन एक पुराने इंटरव्यू में बता चुके हैं कि जब रामानंद सागर का फोन आया तो वह समझ गए थे कि टीवी के लिए कोई रोल दे रहे होंगे। वह यह रोल नहीं करना चाहते थे क्योंकि उन्हें लगता था कि टीवी आर्ट नहीं है।

सर्वदमन ने रामानंद सागर से कुछ समय मांगा क्योंकि उनके मन में झिझक थी कि कृष्ण का रोल करना चाहिए या नहीं। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि उन्हें सही रास्ता दिखाएं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सर्वदमन ऑटो रिक्शा से वासु भट्टाचार्य के घर जा रहे थे। शाम का समय था, रास्ते में उन्हें समुद्र दिखा।

सर्वदमन ने समुद्र की तरफ देखा तो उन्हें यह सुनहरे रंग का दिख रहा था। इसके बाद उन्हें समुद्र की लहरों पर साक्षात कृष्ण दिखाई दिए। रिपोर्ट्स हैं कि सर्वदमन यह देखकर बेहोश हो गए और होश आने पर सीधे रामानंद सागर से मिलने पहुंचे और रोल के लिए हां कह दिया। सर्वदमन बनर्जी की एक स्पिरिचुअल वेबसाइट है जिसमें इस घटना का हिंट है। उनकी जर्नी में लिखा है कि साक्षात दिव्य दर्शन मिलने के बाद उन्होंने कृष्ण वाला रोल लिया था।

एक इंटरव्यू में सर्वदमन ने बताया था कि कृष्ण का रोल करने के बाद उन्हें एक्टिंग के ऑफर मिलने बंद हो गए थे। श्रीकृष्ण की शूटिंग पूरी होने के बाद उन्होंने एक बार रामानंद सागर से भी पूछा कि वह उन्हें कब डायरेक्ट करेंगे। इस पर रामानंद सागर ने जवाब दिया था कि वह जब भी सर्वदमन को देखते हैं तो उन्हें भगवान दिखते हैं। वह फिल्म या शो बनाने का खयाल चला जाता है और वह बस हाथ जोड़ लेते हैं।

सर्वदमन बनर्जी अब एक्टिंग की दुनिया में ज्यादा एक्टिव नहीं हैं। वह ऋषिकेश में ध्यान और योग की शिक्षा देते हैं और समय-समय पर रिट्रीट करवाते रहते हैं।
