महाभारत में कैसे शूट हुआ था कृष्ण का विश्वरूप? युद्ध सीन्स के लिए लोकेशन ढूंढने में क्या थी समस्या

Mahabharat Kissa: बीआर चोपड़ा की महाभारत को आज भी एक आइकॉनिक शो माना जाता है। उस वक्त टेक्नोलॉजी उतनी ज्यादा नहीं थी। ऐसे में आइए जानते हैं कैसे शूट किया गया था कृष्ण का विश्वरूप?

Harshita PandeyMay 09, 2026 08:24 pm IST
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बीआर चोपड़ा

बीआर चोपड़ा की महाभारत को टीवी के बेस्ट शोज में गिना जाता है। ये शो साल 1988 में दूरदर्शन पर शुरू हुआ था। तब से लेकर आजतक इस शो की काफी लोकप्रियता है। आज हम आपको बता रहे हैं कि महाभारत के युद्ध सीन्स कहां शूट हुए थे, और कृष्ण का विश्वरूप कैसे शूट किया गया था।

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मुंबई में हुई थी ज्यादातर शूटिंग

महाभारत की आधे से ज्यादा शूटिंग मुंबई की फिल्म सिटी में हुई थी। सिर्फ वॉर सीन्स की शूटिंग मुंबई में नहीं हुई थी। वॉर सीन्स की शूटिंग राजस्थान में हुई थी।

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ब्लू स्क्रीन की ली गई थी मदद

महाभारत के ज्यादातर वॉर सीन्स को मैन्युअली ही शूट किया गया था, लेकिन कुछ सीन्स के लिए ब्लू स्क्रीन या क्रोमा का इस्तेमाल किया गया था।

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लोकेशन ढूंढने में हुई थी परेशानी

महाभारत के वॉर सीन्स के लिए लोकेशन ढूंढना एक बड़ा टास्क था। बीआर चोपड़ा की बहू ने बताया था कि उन्हें शूट के लिए ऐसी जगह चाहिए थी जहां बिजली के खंभे न हों क्योंकि महाभारत के दौर में बिजली नहीं थी।

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जयपुर के पास हुई थी शूटिंग

इसके बाद जब लोकेशन ढूंढी गई तब जयपुर के पास एक ऐसा बड़ा मैदान मिला जहां बिजली के खंभे नहीं थे। युद्ध के सीन्स असल लगें, इसलिए इन सीन्स को स्टूडियो के बदले खुले मैदान में ही शूट किया गया।

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नितीश भारद्वाज

महाभारत में एक सीन आता है जहां भगवान कृष्ण अर्जुन को अपना विश्वरूप दिखाते हैं। सीरियल में भगवान कृष्ण का किरदार निभाने वाले नितीश भारद्वाज ने बताया कि वो सीन कैसे शूट किया गया था।

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कृष्ण विश्वरूप

कृष्ण विश्वरूप के सीन में भगवान कृष्ण के एक साथ अलग-अलग रूप दिखाए गए थे। नितीश भारद्वाज मे बताया कि कैसे उस सीन को शूट किया गया। उन्होंने कहा- कृष्ण विश्वरूप में अकेला मैं ही हूं, बाकी मैं नहीं हूं, कोई दूसरे खड़े हैं। तो वो एक शूट किया, फिर पीछे कोई आया, फिर वो शूट किया। स्टॉप ब्लॉक फोटोग्राफी के जरिए पूरा सीन शूट किया गया था। कैमरा हिलता नहीं है। मुझे भी एक ही पोजिशन में रहना है। दूसरे शॉट में अगर मेरा हाथ हिल गया तो जब वो एडिटिंग के टाइम जोड़ेंगे तो उसमें जर्क आएगा।

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चार-चार घंटे एक पोजिशन में रहते थे नितीश

नितीश भारद्वाज ने बताया कि उनके हाथ को सहारा देने के लिए दो लकड़ियां बनी हुई थीं। जब शॉट कट होता था वो लकड़ियां उनके हाथ के नीचे लगा दी जाती थीं ताकि हाथ की पोजिशन बदले नहीं। नितीश भारद्वाज ने बताया कि वो चार-चार घंटे बिना हाथ हिलाए खड़े रहते थे। नितीश तिवारी अपने सामने किसी पर अपनी नजर फिक्स कर लेते थे, ताकि अगर वो कहीं हिल भी जाएं तो दोबारा शॉट के वक्त वो अपनी उसी पोजिशन पर खड़े हों।

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