1966 का वो गाना जिसके बिना आज भी अधूरी हैं भारतीय शादियां, पहचाना?

Bollywood Song Kissa: 1966 में आए इस गाने के बिना आज भी बारात का स्वागत अधूरा माना जाता है। आइए आपको इस आइकॉनिक गाने से जुड़े दिलचस्प और अनसुने किस्से बताते हैं।

Vartika TolaniJun 10, 2026 11:11 pm IST
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सिनेमा का वो अमर गीत

भारतीय सिनेमा के इतिहास में कुछ ऐसे गाने बने हैं जो समय की सीमाओं को पार कर अमर बन गए हैं। साल 1966 में भी ऐसा ही एक गाना आया था। इस गाने को मोहम्मद रफी ने गाया था। वहीं राजेंद्र कुमार और वैजयंतीमाला पर इस गाने को फिल्माया गया था।

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इस सदाबहार गाने का नाम

ये गाना फिल्म 'सूरज' (1966) का है और इस गाने का नाम 'बहारों फूल बरसाओ' है। ये गाना आज भी भारतीय सिनेमा के सबसे पसंदीदा गानों में से एक माना जाता है।

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शूटिंग के समय आई थी ये समस्या

इस गाने की शूटिंग के दौरान एक बेहद मजेदार वाकया हुआ था। सेट पर मेकर्स को अचानक एहसास हुआ कि राजेंद्र कुमार और वैजयंतीमाला पर बरसाने के लिए उनके पास पर्याप्त फूल ही नहीं हैं।

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क्रू की समझदारी ने बचाया

भव्य नजारा दिखाने के लिए शूटिंग के दौरान क्रू मेंबर्स ने एक गजब का जुगाड़ निकाला। हर टेक के बाद जमीन पर गिरे हुए फूलों की पंखुड़ियों को इकट्ठा करते थे और फिर उन्हें साफ करके रीसेट करते थे। इसके बाद अगले टेक में उन्हीं फूलों को फिर से ऊपर से बरसाते थे।

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'दादरा ताल' पर आधारित धुन

संगीत के नजरिए से भी ये गाना बेहद खास है। शंकर-जयकिशन के निर्देशन में बना ये खूबसूरत ट्रैक भारतीय शास्त्रीय संगीत के पारंपरिक 'दादरा ताल' पर आधारित है, जो इसे एक अनोखी लय देता है।

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फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में मचाया था तहलका

इस गाने ने 1966-1967 के फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में अपनी सफलता के झंडे गाड़े थे। इसके लिए हसरत जयपुरी को बेस्ट लिरिसिस्ट और मोहम्मद रफी को बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर का अवॉर्ड मिला था।

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BBC पोल में बना 'ऑल-टाइम फेवरेट'

साल 2013 में भारतीय सिनेमा के 100 साल पूरे होने के मौके पर 'बीबीसी रेडियो' ने एक वैश्विक पोल कराया था। इस पोल में 'बहारों फूल बरसाओ' को सर्वसम्मति से अब तक का सबसे लोकप्रिय बॉलीवुड गाना चुना गया था।

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