सैकड़ों रिकॉर्ड बनाने वाली आशा भोसले कभी नहीं कर पाईं ये काम, जीवन भर रहा इस बात का अफसोस

12 अप्रैल को 92 साल की उम्र में उन्होंने मुंबई के अस्पताल ब्रीच कैंडी में अंतिम सांस ली है। आशा के निधन की खबर ने पूरी इंडस्ट्री को हिलाकर रख दिया है। हर कोई आशा ताई को श्रद्धांजलि दे रहा है।

Priti KushwahaApr 13, 2026 07:04 am IST
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सैकड़ों रिकॉर्ड बनाने वाली आशा भोसले कभी नहीं कर पाईं ये काम

आज बॉलीवुड के एक युग का अंत हो गया है। हिंदी सिनेमा जगत की दिग्गज सिंगर आशा भोसले अब इस दुनिया में नहीं रहीं। आशा ताई के निधन के पूरी फिल्म इंडस्ट्री को गहरा सदमा दिया है।

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करोड़ों फैंस की आंखें नम

आज यानी 12 अप्रैल को 92 साल की उम्र में उन्होंने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली है। आशा के निधन की खबर ने पूरी इंडस्ट्री को हिलाकर रख दिया है। हर कोई आशा ताई को श्रद्धांजलि दे रहा है। वहीं, परिवार ही नहीं उनके करोड़ों फैंस की आंखें नम हैं।

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हार्ट अटैक से हुआ निधन

शनिवार को गायिका की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया था, जहां हार्ट अटैक पड़ने से उनका निधन हो गया है। आशा ने अपने सिंगिंग करियर में कई शानदार गाने इस इंडस्ट्री को दिए हैं। यहीं नहीं कई अवॉर्ड्स के साथ उन्होंने कई रिकॉर्ड्स भी अपने नाम किए।

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आखिरी वक्त तक इस बात का रहा अफसोस

लेकिन क्या आप जानते हैं इतने रिकॉर्ड बनाने वाली आशा ताई को उनके आखिरी वक्त तक एक बात का अफसोस रहा। वो चाह कर भी अपनी उस इच्छा को पूरी नहीं कर पाईं।

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अंग्रेजी न आने का अफसोस

दरअसल, आशा भोसले को इस बात का अफसोस रहा कि उन्हें ठीक से पढ़ाई करने का मौका नहीं मिला। उनका कहना है कि अगर उन्होंने आगे पढ़ाई की होती और अंग्रेजी में भी गाने गाए होते, तो वे और भी ऊंचाइयों को छू सकती थीं।

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अपनी सफलता के लिए स्वयं जिम्मेदार होता है

उन्होंने दुबई स्थित ग्लोबल इंडियन इंटरनेशनल स्कूल (GIIS) के कैंपस में आयोजित 'लीडरशिप लेक्चर सीरीज' के दौरान अपने इस अफसोस के बारे में बात की थी। उन्होंने कहा था, 'हर व्यक्ति अपनी सफलता के लिए स्वयं जिम्मेदार होता है। जो दिन-रात मेहनत करता है और अपना काम करता रहता है, वही हमेशा सफल होता है।'

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मुझे बुरा लगता है कि मैं उनकी बोली नहीं सीख पाई

उन्होंने आगे कहा था, 'और आपके स्कूल के लिए मेरा संदेश यह है कि मैंने ज्यादा पढ़ाई नहीं की और आज जब मैं विदेश जाती हूं, अमेरिका या लंदन जाती हूं, तो उनके गाने सुनकर मुझे बहुत अफसोस होता है, मुझे बुरा लगता है कि मैं उनकी बोली नहीं सीख पाई।'

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काश मैंने और पढ़ाई की होती

दिग्गज गायिका ने आगे कहा था, 'काश मैंने और पढ़ाई की होती, लेकिन उन दिनों, मेरी पीढ़ी में, 80 साल पहले, महिलाओं को शिक्षित करने का कोई मतलब नहीं था। उनका कहना था कि महिलाओं का काम साधारण घरेलू काम करना, बच्चे पैदा करना है, उन्हें क्यों पढ़ाना चाहिए। इसलिए शिक्षा कभी शुरू ही नहीं हुई।

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अगर हमें पढ़ाया जाता तो…

आशा ताई बोली थीं, 'अब मुझे बहुत अफसोस होता है कि अगर हमें पढ़ाया जाता या शिक्षा दी जाती, तो हम जीवन में अलग ही ऊंचाइयों पर होते और मैं अंग्रेजी गीतों में बहुत आगे बढ़ जाती क्योंकि हमारी शैली और अंग्रेजी शब्द मुझे और ऊंचाइयों तक ले जाते।'

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आशा भोसले के बारे में

बता दें कि आशा भोसले का जन्म 8 सितंबर, 1933 में हुआ है। उन्होंने 1948 में 'चुनरिया' से करियर की शुरुआत की थी। पिछले 7 दशकों से इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। अपने करियर में आशा ने हिंदी, मराठी, अंग्रेजी और अन्य भाषाओं में हजारों गाने गाए हैं। उन्हें दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड (2000) पद्म विभूषण (2008) से भी नवाजा जा चुका है।

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