
अन्ना ने दादा साहब फाल्के की फिल्म ‘राजा हरिश्चंद्र’ में हीरो के साथ-साथ एक्ट्रेस की भूमिका भी निभाई थी। फिल्म में अन्ना ने रानी तारामती बनने के बाद, वह पर्दे पर माता सीता और भगवान श्रीराम भी बने थे।

5/8इस फिल्म का रन टाइम मजह 40 मिनट था। दादा साहब फाल्के फिल्म बना रहे थे, तो उन्हें इस बात का एहसास हुआ कि इस प्रोजेक्ट में एक फीमेल चेहरा भी होना जरूरी है। लेकिन उन्हें कोई एक्ट्रेस नहीं मिली। इस पर उन्होंने तय किया कि वो अन्ना से ही फीमेल कैरेक्टर प्ले कराएंगे।

6/8अन्ना ने पहले 'लंका दहन' में श्रीराम का किरदार निभाने के बाद उनकी पत्नी माता सीता का किरदार भी अदा किया था। वह भारतीय सिनेमा के पहले अभिनेता थे, जिन्होंने अधिकतर फिल्मों में अभिनेता और अभिनेत्री दोनों का किरदार निभाया।

7/8दरअसल, अन्ना सालुंके से दादा साहब फाल्के की पहली मुलाकात एक रेस्टोरेंट में हुई थी, जहां पर वो एक वेटर के रूप में काम करते थे। दादा साहेब फाल्के उस दौरान एक लड़की की तलाश में थे, जिसे वह अपनी फिल्म में कास्ट कर सके।

8/8अन्ना सालुंके को रेस्टोरेंट में काम करने के 10 रुपये मिलते थे। दादा साहब फाल्के ने उन्हें जैसे-तैसे मना कर 15 रुपए महीने की फीस देकर फिल्म में काम करने के लिए मना लिया। आज ये फिल्म हिंदी सिनेमा के इतिहास में दर्ज है।
