1/7एक ही समय पर दोनों फिल्मों में एक्टिव थे और एक ही समय पर इन्हें फिल्मों में सफलता मिलनी शुरू हुई। दो बड़े एक्टर्स दोस्त नहीं होते, कम्पटीटर होते हैं…ये कहावत इंडस्ट्री में मशहूर थी। लेकिन विनोद खन्ना और अमिताभ में गहरी दोस्ती भी थी।

अप्रैल 2017 में विनोद खन्ना के निधन पर अमिताभ ने एक इमोशनल कर देने वाला पोस्ट शेयर किया था। इस पोस्ट में एक्टर ने विनोद खन्ना से अपनी पहली मुलाकात, साथ दारू पीना, सुख-दुख में एक दूसरे के लिए मौजूद रहने वाले किस्से बताए थे।

अमिताभ ने बताया था कि 1969 में अजंता थिएटर में उनकी मुलाकात विनोद खन्ना से हुई थी। उस समय वो एक्टर बन चुके थे और अमिताभ काम की तलाश में पहुंचे थे।

बाद में दोनों को फिल्म रेशमा और शेरा में काम मिला। फिल्म की शूटिंग जैसलमेर में हुई थी। उस दौरान दोनों ने एक दूसरे के साथ अधिक समय बिताया, दोनों टेंट में रहते। अमरीश पुरी भी इनके साथ थे। विनोद उस समय तक स्टार बन चुके थे। अमिताभ ने बताया कि उन्हें भी स्टार जैसा ट्रीटमेंट देते थे।

अमिताभ ने बताया फिल्म रेशमा और शेरा की शूटिंग के समय विनोद खन्ना के पिता का निधन हो गया था। उस समय वो उनके साथ खड़े रहे और उन्हें सहारा दिया। अक्सर फिल्म की शूटिंग के बाद दोनों समुंद्र किनारे बैठ कर घंटों बिताते, साथ ड्रिंक्स लेते।

अमिताभ ने एक किस्सा बताते हुए लिखा था कि वो उदयपुर के एक होटल में ठहरे हुए थे। दोनों के कमरे अलग-अलग और दूरी पर थे। अमिताभ का कमरा जिस तरफ था वहां शांति और सन्नाटा था। रात में वो अक्सर अकेला महसूस करते और विनोद को फोन पर अकेलेपन के बारे में बताते। अमिताभ ने कहा विनोद अक्सर उन्हें अपने कमरे में ले आते।

विनोद खन्ना के निधन से उनकी सालों की दोस्ती भी टूट गई थी। आज भी अमिताभ अपने उस दोस्त को याद करते हैं।
