
मारुति सुजुकी इंडिया देश की पहली फ्लेक्स फ्यूल वाली वैगनआर पेश कर चुकी है। यह भारत की पहली फ्लेक्स फ्यूल पैसेंजर कार है, जो E20 से लेकर E85 तक के इथेनॉल-पेट्रोल ब्लेंड पर चल सकती है। इसमें शुद्ध इथेनॉल भी शामिल है। ये नया मॉडल आम लोगों के लिए पहली पैसेंजर कार भी है, 100% इथेनॉल पर चलने के लिए डिजाइन किया गया है।

2/5टाटा भी अपना पहला फ्लेक्स-फ्यूल मॉडल पंच दिखा चुकी है। यह प्री-फेसलिफ्ट अवतार में था। इसमें 88hp, 115Nm का 1.2-लीटर पेट्रोल इंजन लगा है, जो मौजूदा मॉडल में भी इस्तेमाल होता है। यह इंजन E85 तक के ब्लेंडिंग पर चलने में कैपेबल है। इसमें अलग-अलग इथेनॉल मिश्रणों के हिसाब से ढलने के लिए मॉडिफाइड ECU सॉफ्टवेयर, फ्यूल इंजेक्टर सिस्टम और एग्जॉस्ट आफ्टर-ट्रीटमेंट सिस्टम दिया गया है।

3/5हुंडई ने ऑटो एक्सपो 2025 में क्रेटा फ्लेक्स-फ्यूल को पेश किया, ताकि फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी के लिए अपनी तैयारी को दिखाया जा सके। इस SUV के इंजन को E100 इथेनॉल पर चलने के लिए मॉडिफाई किया गया है। इसमें 1.0-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन दिया गया है, जो 120hp की पावर और 172Nm का टॉर्क जनरेट करता है। इसे 6-स्पीड टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमैटिक गियरबॉक्स के साथ जोड़ा गया है।

4/5टोयोटा ने कोरोला हाइब्रिड के साथ अपनी फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी की कैपेबिलिटीज दिखाईं। अक्टूबर 2022 में पेश की गई इस सेडान में 102hp, 142Nm का 1.8-लीटर पेट्रोल इंजन है, जो एक स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड सिस्टम के साथ आता है। कोरोला फ्लेक्स-फ्यूल हाइब्रिड E100 फ्यूल पर चलने में सक्षम है। कंपनी इस टेक्नोलॉजी को तैयार कर चुकी है, इसलिए इसके भारत आने की संभावना है।

5/5टोयोटा ने अगस्त 2023 में इनोवा हाइक्रॉस फ्लेक्स-फ्यूल का प्रोटोटाइप पेश किया। स्टैंडर्ड हाइक्रॉस की तरह, इसमें भी इलेक्ट्रिक मोटर के साथ 2.0-लीटर एटकिंसन साइकिल पेट्रोल इंजन का इस्तेमाल किया गया है। इंजन में किए गए बदलावों में अलग स्पार्क प्लग, पिस्टन रिंग टॉप और वॉल्व व वॉल्व सील शामिल हैं। ताकि उन्हें वॉटर-रेसिस्टेंट बनाया जा सके और जंग से बचाया जा सके।
