
ज्योतिष और रत्न शास्त्र के अनुसार पुखराज का संबंध गुरु ग्रह यानी बृहस्पति से होता है। हालांकि हर किसी को ये रत्न सूट नहीं करता है। अगर बिना किसी सलाह और सही नियम के बिना इसे पहना जाए तो ये अपना नेगेटिव असर भी छोड़ता है।

2/7रत्न शास्त्र के अनुसार अगर पुखराज सूट ना करें तो कड़ी मेहतन के बावजूद भी काम अटकते हैं। वहीं इसके चलते लोग अपनी प्लानिंग में भी खूब बदलाव करते हैं जिससे कई चीजें लेट होती जाती हैं।

3/7अगर पुखराज गलत तरीके से या फिर गलत राशि के लोग पहन लेते हैं तो उनका मन बैचेन रहने लगता है। छोटी-छोटी बात पर चिंता होती है और फिर बिना किसी वजह के तनाव होता है।

4/7ज्योतिष शास्त्र में माना जाता है कि गलत रत्न पहनने से आर्थिक स्थिति गड़बड़ होती है। फालतू के खर्चे बढ़ जाते हैं। वहीं पैसों से जुड़ा फैसला लेने में भी असमंजस की स्थिति बनती है।

5/7पुखराज सूट ना करे तो इसका असर रिश्तों पर साफ तौर पर देखने को मिलता है। परिवार के लोगों के साथ छोटी-छोटी बात पर मतभेद बढ़ते हैं। ऐसे समय में धैर्य रखना बेहतर होता है।

6/7रत्न शास्त्र के हिसाब से जिन लोगों को पुखराज सूट नहीं करता है उन्हें हमेशा थकान महसूस होगी। दिन भर सुस्ती छाई रहेगी। ऐसी स्थिति में सही जानकार से सलाह लेकर सही सॉल्यूशन निकालना जरूरी है।

7/7अगर पुखराज पहनने के बाद आपको ये सारे लक्षण महसूस होने लगे हैं तो इसे पहनना तुरंत बंद कर दें। इसके बाद किसी जानकार ज्योतिषी की सलाह जरूर लें। कुंडली दिखाकर अपने ग्रहों की स्थिति के हिसाब से ही पुखराज पहनें। डिस्क्लेमर- इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
