
रत्नशास्त्र में सफेद पुखराज को बहुत ही अहम रत्नों में से एक माना जाता है। पुखराज का संबंध शुक्र ग्रह से होता है। मान्यता है कि इस रत्न को पहनने से जिंदगी में सकारात्मक बदलाव आते हैं। हालांकि इसे कुछ रत्नों के साथ नहीं पहनना चाहिए।

2/7सफेद पुखराज को धारण करने से कई फायदे होते हैं। रत्नशास्त्र मान्यता है कि इसे पहनने से आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। साथ ही पर्सनैलिटी में निखार आने के साथ-साथ लग्जरी और रिश्तों में मजबूती आती है।

3/7नियम के हिसाब से सफेद पुखराज को कभी भी पीले पुखराज के साथ नहीं पहनना चाहिए। पीला पुखराज गुरु ग्रह से जुड़ा हुआ है तो वहीं सफेद पुखराज शुक्र से जुड़ा हुआ है। ज्योतिष शास्त्र में इन्हें साथ में पहनना सही नहीं माना जाता है।

4/7अगर आप सफेद पुखराज पहनते हैं तो इसके साथ माणिक्य भी पहनने से बचें। माणिक्य सूर्य का रत्न हैं और इस वजह से इसे सफेद पुखराज के साथ पहनना सही नहीं माना जाता है।

5/7रत्नशास्त्र की मान्यता के हिसाब से सफेद पुखराज के साथ मोती को भी पहनने से बचना चाहिए। शास्त्र में मोती और सफेद पुखराज का कॉम्बिनेशन अच्छा नहीं माना जाता है। माना जाता है कि इससे मन की उलझन और बैचेनी बढ़ती है।

6/7अगर आप सफेद पुखराज पहनना चाहते हैं तो सबसे पहले अपनी कुंडली को किसी जानकार ज्योतिष को जरूर दिखाएं। अगर कुंडली इसके फेवर में है तभी सफेद पुखराज पहनें।

7/7इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
