
हिंदू धर्म में तुलसी का पौधा पूजनीय माना जाता है। तुलसी को मां लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है। कहा जाता है कि पीपल की तरह तुलसी का पौधा भी 24 घंटे ऑक्सीजन प्रदान करता है। तुलसी का पौधा अखंड सौभाग्य को प्रदान करने वाला माना गया है। कहा जाता है कि जिस घर में तुलसी का पौधा हरा-भरा रहता है, वहां मां लक्ष्मी का वास होता है। ऐसे घर में सुख-शांति और आर्थिक खुशहाली हमेशा बनी रहती है। क्या आप जानते हैं कि तुलसी का पौधा लगाने के भी कुछ वास्तु नियम हैं, जिनका पालन करना जरूरी होता है। वास्तु नियमों की अनदेखी करने पर व्यक्ति को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। आइए जानते हैं कि तुलसी का पौधा किस दिन लगाना चाहिए और कब नहीं तोड़ने चाहिए तुलसी के पत्ते समेत जरूरी नियम।

2/7वास्तु के अनुसार, तुलसी का पौधा किसी भी महीने के गुरुवार के दिन लगाया जा सकता है। शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी को समर्पित है। इसलिए शुक्रवार के दिन भी तुलसी का पौधा लगाना उत्तम माना जाता है। जबकि शास्त्रों में कार्तिक माह को तुलसी का पौधा रोपित करने के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। मान्यता है कि कार्तिक महीने में तुलसी का पौधा लगाने से और तुलसी विवाह करना से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

3/7वास्तु के अनुसार, तुलसी का पौधा घर या आंगन के ठीक बीच में लगाना उत्तम माना जाता है। अगर आप फ्लैट में रहते हैं जहां आंगन की जगह नहीं है, तो इस स्थिति में तुलसी का पौधा बेडरूम की बालकनी में लगाना शुभ माना जाता है।

4/7वास्तु शास्त्र के अनुसार, एकादशी, अमावस्या, पूर्णिमा, सूर्य संक्रांति, मध्यकाल, रात्रि और अशौच के समय तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए। इस दिन या समय तुलसी के पत्ते को तोड़ना पाप के समान माना जाता है। मान्यता है कि इन दिनों में तुलसी के पत्तों को तोड़ना साक्षात भगवान विष्णु के मस्तक का विच्छेदन करने के समान होता है। इसलिए इन दिनों में तुलसी के पौधे को स्पर्श करने से बचना चाहिए।

5/7वास्तु शास्त्र के अनुसार, तुलसी का पौधा रविवार, सोमवार, एकादशी तिथि, सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण के दिन नहीं लगाना चाहिए। इसके अलावा श्राद्ध पक्ष के दौरान और होलिका दहन के दिन भी नया पौधा खरीदने से बचना चाहिए।

6/7वास्तु के अनुसार, तुलसी का पौधा हमेशा घर की उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) दिशा में लगाना सबसे शुभ माना गया है। मान्यता है कि इन दिशाओं में पौधा रखने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और सुख-समृद्धि का आगमन होता है।

7/7इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
