
हिंदू धर्म में केले का पौधा पूजनीय है। मान्यता है कि गुरुवार के दिन केले के पौधे की पूजा करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं। हिंदू धर्म शास्त्रों में केले के पौधे में प्रभु श्रीहरि का वास माना गया है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, केले के पौधे को लगाने के कुछ नियम हैं। गलत दिशा में लगा केले का पौधा वास्तु दोष का कारण बनता है और आर्थिक परेशानियां खड़ी कर सकता है। कई बार घर के सामने खाली जगह होने पर लोग पेड़-पौधे लगा देते हैं। अगर आपके घर के मुख्य द्वार के सामने केले का पौधा है, तो यहां जानें वास्तु के अनुसार यह सही होता है या नहीं।

2/7वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के मुख्य द्वार पर केले का पौधा नहीं लगाना चाहिए और ना ही गेट के सामने गमले में केले का पौधा रखना चाहिए। घर के मुख्य द्वार पर केले का पेड़ रखने से घर में शुभ और मंगल कार्यों में बाधाएं आती हैं। वास्तु कहता है कि घर के मुख्य द्वार पर केले का पौधा लगाने से धन संबंधी परेशानियां होती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी दिक्कतें बढ़ जाती हैं।

3/7वास्तु के अनुसार, केले का पौधा एक विशेष प्रकार की तरंग उत्पन्न करता है, इसलिए इसे घर के मुख्य द्वार और घर के बीच में नहीं लगाना चाहिए। इसे घर के पीछे की ओर लगाना सबसे अच्छा होता है। अगर घर के पीछे की ओर जगह खाली नहीं है तो, इसे पीछे की ओर घर की छत पर भी लगाया जा सकता है।

4/7वास्तु के अनुसार, केले का पौधा घर के उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) दिशा में लगाना सबसे उत्तम माना जाता है। इसे घर के पिछले हिस्से में एक कोने में लगाना चाहिए, जहां सुबह उठते ही मुख्य रूप से दिखाई नहीं दे।

5/7घर में कभी भी सूखा या मुरझाया हुआ केले का पौधा नहीं लगाना चाहिए। पौधों को हरा भरा रखने के लिए हमेशा साफ पानी डालते रहना चाहिए। वास्तु के अनुसार, सूखा हुआ केले का पौधा घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ाता है और सकारात्मक ऊर्जा कम होती जाती है।

6/7वास्तु के अनुसार, केले के पौधे के पास तुलसी का पौधा रखना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि तुलसी के पौधे में मां लक्ष्मी और केले के पौधे में भगवान विष्णु का वास होता है।

7/7इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
