
वास्तु शास्त्र के अनुसार, सूर्यास्त के बाद झाड़ू लगाना अशुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस समय घर की लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं। शाम को झाड़ू लगाने से सकारात्मक ऊर्जा घर से बाहर चली जाती है और अलक्ष्मी यानी दरिद्रता का प्रवेश हो जाता है। इससे घर में धन हानि, कर्ज बढ़ना और परिवार में तनाव जैसी समस्याएं आ सकती हैं।

2/7कई बार मजबूरी में शाम को सफाई करनी पड़ जाती है, जैसे कई दिन बाद बाहर से लौटने पर या किसी कार्यक्रम के बाद। ऐसी स्थिति में वास्तु विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि झाड़ू से इकट्ठा किया कूड़ा रात में घर से बाहर ना फेंकें। उसे घर के अंदर ही डस्टबिन में रख दें और अगली सुबह सूर्योदय के बाद बाहर निकालें। इससे लक्ष्मी के बाहर जाने का भय कम हो जाता है।

3/7वास्तु और धार्मिक दोनों दृष्टि से रात में कूड़ा फेंकना अत्यंत अशुभ है। ऐसा करने से घर की समृद्धि बाहर चली जाती है। रात का समय विश्राम और सकारात्मक ऊर्जा संचय का होता है। इस समय गंदगी बाहर फेंकने से नकारात्मक शक्तियां सक्रिय हो सकती हैं। इसलिए शाम के बाद कूड़ा घर के अंदर ही रखें।

4/7वास्तु शास्त्र में नई झाड़ू खरीदने और बदलने का भी सही समय बताया गया है। शनिवार को नई झाड़ू खरीदना और इस्तेमाल शुरू करना सबसे शुभ माना जाता है। झाड़ू हमेशा कृष्ण पक्ष में खरीदनी चाहिए। शुक्ल पक्ष में नई झाड़ू खरीदने से बचना चाहिए, क्योंकि इसे दुर्भाग्य का संकेत माना जाता है।

5/7एक ही झाड़ू को लंबे समय तक ना इस्तेमाल करें। पुरानी झाड़ू को फेंकते समय भी सावधानी बरतनी चाहिए। शनिवार को पुरानी झाड़ू को किसी नदी किनारे, जंगल या सुनसान जगह पर रख दें।

6/7झाड़ू को खड़े करके ना रखें, हमेशा दीवार के सहारे लेटाकर रखें। गलती से भी झाड़ू को रसोई या पूजा स्थान के पास ना रखें। घर की महिलाएं मासिक धर्म के दौरान झाड़ू ना लगाएं। टूटी हुई झाड़ू को घर में ना रखें, तुरंत बदल दें।

7/7वास्तु के इन नियमों का पालन करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। लक्ष्मी जी का वास होता है, आर्थिक स्थिति मजबूत रहती है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। छोटी-छोटी सावधानियां बड़े सकारात्मक परिणाम देती हैं। डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
