
वास्तु शास्त्र के अनुसार बहते हुए झरने की पेंटिंग यानी Waterfall Painting को घर में आने वाली पॉजिटिव एनर्जी और सुख-समृद्धि का के रूप में देखा जाता है। सही दिशा और सही जगह पर लगाई गई ये पेंटिंग जिंदगी में चार चांद लगा सकती है। आइए जानते हैं कि ये पेंटिंग किस तरह से फायदे देती है और इसे खरीदते वक्त क्या ध्यान में रखना है?

2/8वास्तु शास्त्र में इस पेटिंग के कई फायदे बताए गए हैं। दरअसल बहते हुए पानी को मनी फ्लो के रूप में देखा जाता है। मान्यता है कि झरने की पेटिंग से फाइनेंशियल ग्रोथ अच्छी होती है और इससे घर में बरकत आती है।

3/8वास्तु शास्त्र में दिशाओं को काफी महत्व दिया जाता है। अगर आप इस पेटिंग को टांगने के लिए सही दिशा का चुनाव करेंगे तो आपको डबल फायदा हो सकता है। नियम के हिसाब से इस पेेटिंग को घर की उत्तर या फिर उत्तर-पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है।

4/8वास्तु शास्त्र के अनुसार अगर आप बहते हुए झरने की पेटिंग को को लिविंग रूम, ऑफिस या फिर घर में एंट्रेंस के आसपास लगाएंगे तो ये काफी फलदायी होगा। इससे घर में हमेशा पॉजिटिविटी बनी रहेगी।

5/8वास्तु शास्त्र के नियमों के अनुसार बेडरूम में बहते पानी की फोटो या पेटिंग भूलकर भी नहीं लगाना चाहिए। दरअसल इससे रिश्तों में अनबन शुरू होने लगती है और बेवजह का तनाव होता है।

6/8कोशिश करें कि हमेशा साफ, सुंदर और शांत झरने की पेटिंग या फोटो आप घर में लगाएं। अगर आप बहते हुए झरने की फोटो या पेंटिंग लेने जाए तो कोशिश करें कि गंदे पानी या फिर डरावने जंगल के झरने की पेटिंग का चुनाव ना ही करें। इनकी एनर्जी घर के लिए सही नहीं होगी।

7/8वास्तु शास्त्र के अनुसार बहते हुए झरने की पेंटिंग में पानी का बहाव घर के अंदर की ओर दिखना शुभ माना जाता है। दरअसल इसे सुख-समृद्धि आने का संकेत माना जाता है।

8/8वास्तु शास्त्र के अनुसार आप पेटिंग के आसपास सफाई का पूरा ध्यान रखें। टूटी हुई या फिर गंदी पेटिंग को बदल दें या साफ कर लें। वास्तु में साफ और सुंदर दिखने वाली पेटिंग और फोटो शुभ मानी जाती है। डिस्क्लेमर- इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
