
वास्तु शास्त्र में नेम प्लेट को घर की पहचान के साथ-साथ सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक के रूप में देखा जाता है। नेम प्लेट घर की सही ऊर्जा में बड़ा रोल निभाता है। अगर इसके लिए गलत दिशा और रंग का चुनाव किया जाए तो ये बुरा असर भी डाल सकता है। वास्तु के अनुसार नेम प्लेट हो तो घर में बरकत के साथ-साथ खुशहाली आती है। आइए जानते हैं नेम प्लेट से जुड़ी 7 आम गलतियां।

2/8वास्तु शास्त्र के अनुसार नेम प्लेट पर आपका नाम साफ-साफ लिखा होना चाहिए। बहुत ज्यादा स्टाइलिश अक्षर इस पर नहीं होने चाहिए। वहीं छोटे और धुंधला नाम भी शुभ नहीं माना जाता है।

3/8हमेशा मुख्य द्वार की बाईं ओर ही नेम प्लेट लगाएं। वास्तु के अनुसार नेम प्लेट के लिए उत्तर और पूर्व दिशा सबसे सही मानी जाती है। साथ ही ध्यान में रखें कि इसे इतनी ऊंचाई पर लगाएं कि आने-जाने वालों की नजर इस पर आसानी से पड़े। बहुत ज्यादा नीचे या फिर छिपी हुई जगह पर इसे ना लगाएं।

4/8अगर नेम प्लेट के बाद धूल जमी है या फिर आसपास मकड़ी के जाले हैं तो ये घर की ऊर्जा के लिए सही नहीं माना जाएगा। नकारात्मकता को हटाने के लिए मुख्य द्वार के साथ-साथ नेम प्लेट भी साफ-सुथरी होनी चाहिए। इससे घर में सुख-समृद्धि आती है।

5/8अगर आप मुख्य द्वार पर टूटी या फिर फीकी पड़ चुकी नेम प्लेट लगाएंगे तो ये मान-सम्मान में कमी का संकेत होता है। साथ ही इससे घर की सकारात्मक ऊर्जा भी बुरी तरह से प्रभावित होती है और बरकत नहीं होती है।

6/8वैसे तो नेम प्लेट का रंग घर के मुख्य द्वार और दीवारों के रंग के अनुसार ही चुनना बेहतर होता है ताकि रंगों का सही बैलेंस बना रहें। हालांकि बहुत ज्यादा गहरे रंग वाली नेम प्लेट से बचना चाहिए। वास्तु में हल्के भूरे, सफेद, हरे, ग्रे और पीले रंग की नेम प्लेट को शुभ माना जाता है।

7/8वास्तु नियमों के अनुसार नेम प्लेट काफी सिंपल सा होना चाहिए। इसमें ज्यादा स्टिकर, भारी भरकम सजावट या फिर नंबर वगैरह लिखवाने से बचना चाहिए। वास्तु में सिंपल और साफ-सुथरी नेम प्लेट को ज्यादा महत्व दिया जाता है।

8/8वास्तु शास्त्र के हिसाब से नेम प्लेट हमेशा साफ और अच्छी स्थिति में होना चाहिए। साथ ही कोशिश करनी चाहिए कि नियमित रूप से इसकी सफाई हो। अगर इस पर धूल जमती है तो ये शुभ नहीं माना जाता है। डिस्क्लेमर- इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
