
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर का मुख्य द्वार अच्छी और बुरी एनर्जी का प्रवेश द्वार माना जाता है। ऐसे में यहां की एनर्जी हमेशा इतनी पावरफुल होनी चाहिए कि कोई भी बुरी नजर घर के अंदर ना आए। आम तौर पर कई लोग मुख्य द्वार के पास ही शू रैक रखते हैं जोकि गलत तरीका है आइए जानते हैं कि ये किस तरह से हमें नुकसान पहुंचा सकता है और इसे रखने की सही जगह और दिशा क्या है?

2/7अगर मुख्य द्वार के पास जूते-चप्पल रखे जाते हैं तो ऐसे में वहां पर नेगेटिविटी बढ़ने लगती है। इस वजह से घर में पॉजिटिव एनर्जी के आगमन में बाधा पड़ती है। मुख्य द्वार पर रखा शू रैक घर की अच्छी एनर्जी का संतुलन बिगाड़ता है।

3/7मुख्य द्वार पर रखा हुआ शू रैक घर में तनाव की स्थिति ला सकता है। ऐसी स्थिति में घरवालों के बीच छोटी-छोटी बात पर बहस होगी। ऐसे ही धीरे-धीरे घर की सुख शांति खत्म होने लगेगी।

4/7वास्तु मान्यता है कि मुख्य द्वार के पास शू रैक रखने से मां लक्ष्मी निराश हो सकती हैं। इससे पैसों से जुड़ी दिक्कत शुरू होने लगेगी। फालतू के खर्चे बढ़ेंगे और धनलाभ होना बंद हो जाएगा।

5/7अगर स्पेस की दिक्कत की वजह से आपको मुख्य द्वार पर ही शू रैक रखना पड़ रहा है तो आप कोशिश करें वो ढका हुआ हो। साथ ही इसकी सफाई भी नियमित रूप से होती रहे।

6/7मुख्य द्वार पर शू रैक रखना आपकी मजबूरी है तो दिशा का चुनाव करें। वास्तु शास्त्र के अनुसार आप शू रैक को मुख्य द्वार के दक्षिण या फिर पश्चिम दिशा में रखें।

7/7वास्तु शास्त्र से अनुसार मुख्य द्वार साफ-सुथरा होना बहुत जरूरी है। यहां पर आप पौधे, सही तरीके से बना हुआ नेम प्लेट और पॉजिटिव वाइब देने वाली चीजें जैसे विंड चाइम, पानी से भरा बाउल रख सकते है। डिस्क्लेमर- इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
