
हनुमान जी को बाल ब्रह्मचारी माना जाता है। बेडरूम पति-पत्नी का निजी स्थान होता है, जहां दोनों एकांत और घनिष्ठता में समय बिताते हैं। ऐसे स्थान पर ब्रह्मचारी देवता की उपस्थिति वास्तु की दृष्टि से अशुभ मानी जाती है। इससे वैवाहिक जीवन में तनाव, झगड़े या भावनात्मक दूरी बढ़ सकती है।

2/8वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, बेडरूम में हनुमान जी की फोटो लगाने से पति-पत्नी के बीच अनावश्यक गुस्सा, चिड़चिड़ापन और नींद संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। कई बार व्यक्ति को डरावने सपने आने लगते हैं या रात में अचानक जागने की समस्या होती है। इससे दांपत्य जीवन प्रभावित होता है और घर का माहौल भारी हो जाता है।

3/8हनुमान जी की फोटो या मूर्ति को घर के पूजा घर या मंदिर में लगाना सबसे उत्तम है। वास्तु के अनुसार, उन्हें दक्षिण या उत्तर दिशा में रखना शुभ होता है। दक्षिण मुखी हनुमान जी की तस्वीर विशेष रूप से प्रभावशाली मानी जाती है। पंचमुखी हनुमान जी की फोटो मुख्य द्वार के ऊपर बाहर की ओर लगाई जा सकती है, इससे नकारात्मक शक्तियों का प्रवेश रुकता है।

4/8बेडरूम में हनुमान जी की बजाय राधा-कृष्ण, शिव-पार्वती, बांसुरी बजाते कृष्ण या बाल गोपाल की सौम्य तस्वीरें लगानी चाहिए। राधा-कृष्ण की तस्वीर पति-पत्नी के बीच प्रेम बढ़ाती है। शिव-पार्वती की सौम्य छवि वैवाहिक सुख देती है। बाल गोपाल की फोटो संतान सुख के लिए शुभ होती है। इन तस्वीरों को बेडरूम की उत्तर या पूर्व दीवार पर लगाएं।

5/8बेडरूम में हनुमान जी के रुद्र रूप, नटराज, कालभैरव, मां दुर्गा के उग्र रूप या माता काली की तस्वीरें नहीं लगानी चाहिए। शनिदेव, राहु-केतु या पितरों की तस्वीरें भी बेडरूम में अशुभ मानी जाती हैं। इनसे वैवाहिक जीवन में उथल-पुथल और तनाव बढ़ सकता है।

6/8बेडरूम में देवी-देवताओं की तस्वीरें लगाते समय ध्यान रखें कि सोते समय आपके पैर उनकी ओर ना हों। तस्वीरें साफ-सुथरी और सौम्य होनी चाहिए। बेडरूम को हमेशा हल्के और शांत रंगों में सजाएं। पूजा घर अलग रखना सबसे अच्छा है।

7/8हनुमान जी की पूजा और भक्ति बहुत शुभ है, लेकिन वास्तु नियमों का पालन करना भी जरूरी है। बेडरूम में उनकी फोटो लगाने की बजाय पूजा घर में स्थापित करें। सही जगह पर रखी हनुमान जी की मूर्ति पूरे घर की रक्षा करती है और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाती है।

8/8इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
